नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 12वां दिन है। ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने इजराइल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। ईरानी मीडिया की एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तरों और डेटा सेंटर्स को भी निशाना बना सकता है। संभावित टारगेट की सूची में गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, IBM और ओरेकल जैसी कंपनियों के नाम बताए गए हैं। इजराइल, दुबई और अबू धाबी में मौजूद इन कंपनियों के ऑफिस और डेटा सेंटर भी निशाने पर हो सकते हैं। इस बीच UNSC आज एक प्रस्ताव पर वोटिंग करने वाली है। इसमें ईरान से कहा गया है कि वो बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन पर हमले बंद करे।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई सुरक्षित हैं
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई सुरक्षित हैं। यह जानकारी ईरान सरकार के सलाहकार यूसुफ पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया पोस्ट में दी है। उन्होंने कहा कि पहले ये जानकारी आई थी कि मुजतबा खामेनेई जंग में घायल हो गए हैं, हालांकि बाद में जब जानकारी ली गई तो पता चला कि वे ठीक और सुरक्षित हैं।
चीन बोला- हम खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों से सहमत नहीं
चीन ने कहा है कि वह खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों से सहमत नहीं है। चीन का कहना है कि ऐसे हमलों में आम लोगों और गैर-सैन्य जगहों को नुकसान पहुंच रहा है, जो ठीक नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। उन्होंने कहा कि नागरिकों और जरूरी इमारतों को निशाना बनाना गलत है और इससे इलाके में तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि चीन ने अपने बयान में किसी देश का नाम नहीं लिया,
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Yashpal Sharma (Editor)