नई दिल्ली। देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल करते हुए धर्मिंदर प्रधान के अस्तीफ़े के बाद प्रह्लाद जोशी को भारत के नए शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। प्रह्लाद जोशी लंबे समय से भारतीय राजनीति में सक्रिय हैं और कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। वे पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उनके सामने देश की शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों का भरोसा मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी। सरकार का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय में यह बदलाव देश में शिक्षा सुधारों को आगे बढ़ाने और छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर तेजी से काम करने के उद्देश्य से किया गया है। आने वाले समय में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, परीक्षा प्रणाली में सुधार और डिजिटल शिक्षा जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।