पंजाब। पंजाब के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को सीबीआई ने रिमांड पर ले लिया है। भुल्लर 14 दिन तक बुड़ैल जेल में न्यायिक हिरासत में रहे थे। शुक्रवार 31 अक्टूबर को जब उन्हें सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, तब एजेंसी ने रिमांड नहीं मांगी और उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। लेकिन कुछ घंटे बाद ही सीबीआई ने अदालत में रिमांड की एप्लिकेशन लगाई और शनिवार 1 नवंबर को भुल्लर को हिरासत में ले लिया। रिमांड पर लेने के बाद शनिवार शाम सीबीआई ने भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कृष्णु ने कई अहम जानकारियां दीं। उसने बताया कि मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारियों से वसूली का नेटवर्क वही चलाता था। वह गलत काम करने वालों की जानकारी भुल्लर को देता था, फिर भुल्लर उन्हें बुलाकर धमकाता और पैसे वसूलता था। बदले में कृष्णु को कमीशन मिलता था। सीबीआई को कृष्णु के मोबाइल से कई सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर एजेंसी अब डीआईजी भुल्लर के मोबाइल, व्हाट्सएप कॉल और चैट की जांच कर रही है। एजेंसी को भुल्लर की करोड़ों की बेनामी संपत्तियों के सुराग भी मिले हैं। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि रिश्वतखोरी का यह नेटवर्क कितनी दूर तक फैला था और इसमें और कौन-कौन शामिल था।
आखिर ऐसा क्या हुआ कि CBI ने अचानक दिखाई तेजी
पंजाब विजिलेंस की तरफ से 29 अक्टूबर को पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर लिया, जबकि दो मामले पहले CBI दर्ज कर चुकी थी। पंजाब विजिलेंस ने इसे इतने चुपके से किया कि FIR तक का पता CBI तक को नहीं लगा। अदालत से इजाजत लेकर विजिलेंस के अधिकारी बुड़ैल जेल पूछताछ के लिए भी पहुंच गए। यही नहीं, भुल्लर को हिरासत में लेने के लिए अदालत में अर्जी भी लगा दी। तभी इसकी भनक CBI को लगी और अधिकारियों ने चंडीगढ़ स्पेशल कोर्ट पहुंचकर भुल्लर का रिमांड मांग लिया।
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Yashpal Sharma (Editor)