अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने आज गुरुवार को अंतरिम कमेटी की बैठक बुलाई गई, जो गोल्डन टेंपल के तेजा सिंह समुद्री हॉल में शुरू हो चुकी है। SGPC के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इस बैठक को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के खत के एक दिन बाद ही बुला लिया है। इस बैठक में बंदी सिखों की रिहाई को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं। दरअसल, ज्ञानी रघबीर सिंह ने बीते दिन मंगलवार को SGPC और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGPC) को बंदी सिखों की रिहाई के लिए तेजी लाने के आदेश देते हुए खत लिखा। वहीं, इसमें दोनों कमेटियों को दो दिन के अंदर उनके द्वारा किए गए प्रयासों की रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भी कहा है, जिसका समय शुक्रवार को खत्म हो रहा है।मंगलवार को लिखा गया ये खत एक रिमाइंडर खत था। ज्ञात हो कि ज्ञानी रघबीर सिंह ने तकरीबन दो सप्ताह पहले ही दोनों संस्थाओं को बंदी सिखों की रिहाई के लिए प्रयास करने व इसकी रिपोर्ट देने के लिए कहा था।
चंडीगढ़ में बुलाई थी बुद्धिजीवियों की बैठक
तकरीबन दो सप्ताह पहले ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा बंदी सिखों की रिहाई को लेकर दिए गए आदेशों के बाद SGPC ने प्रयास शुरू कर दिए थे। 25 नवंबर को ही चंडीगढ़ में SGPC की तरफ से बुद्धिजीवियों और सिख वकीलों की बैठक बुलाई थी। जिसमें सभी ने फैसला किया कि एक बड़े स्तर की बैठ बुलाई जाएगी, जिसमें विश्व स्तर पर मानवाधिकारों का काम करने वाले लोगों को एकत्रित किया जाएगा। इसके अलावा डॉक्यूमेंट्रीज तैयार की जाएंगी, जिसमें बंदी सिखों के बारे में लोगों को बताया जाएगा। इतना ही नहीं, पूरे देश से ऐसे मामलों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिनका उदाहरण देकर बंदी सिखों की सजा को कम किया जा सकता है।
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Yashpal Sharma (Editor)