अमृतसर। श्री गुरु गंथ साहिब के गुम हुए 328 पावन सरूपों को लेकर हुई इंक्वायरी को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने सार्वजनिक कर दिया है। प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने SGPC सदस्यों के साथ बैठक के बाद डॉ. ईशर सिंह कमेटी की रिपोर्ट को जनतक किया और इसे एक ठगी की घटना बताया है। SGPC के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने जानकारी दी कि यह मामला 2013-14 का है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की प्रिंटिंग के बाद हर सरूप का रिकॉर्ड रखा जाता है। उन पर सीरियल नंबर अंकित होते हैं और इन्हें रजिस्टर पर अंकित किया जाता है। लेकिन SGPC कर्मचारी कमलजीत सिंह ने ऐसा नहीं किया। उसकी तरफ से 267 सरूप स्थापित होने के लिए भेजे तो गए, लेकिन उनकी भेंट को खाते में जमा नहीं करवाया। यह पूरी घटना पावन सरूपों के गुम होने या बेअदबी की ना होकर ठगी है। मनिंदर सिंह ने ढूंढी थी कमी SGPC प्रधान धामी ने जानकारी दी कि आरोपी कमलजीत सिंह की जगह पर मनिंदर सिंह को लगाया गया था। जब वह रिकॉर्ड रूम की जांच कर रहा था तो स्पष्ट हुआ कि कमलजीत सिंह ने 212 सरूपों को स्थापित करने के लिए भेज दिया, लेकिन रजिस्टर में नहीं चढ़ाए। इसके साथ ही उसने 55 सरूप और तैयार कर लिए थे, जिन्हें रजिस्टर में चढ़ाया ही नहीं गया। उसका मुख्य मकसद 267 सरूपों के पैसों को हड़पना था।
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Yashpal Sharma (Editor)