ई न्यूज पंजाब, लुधियाना नहीं आए जगन्नाथ। ये शब्द आज भगवान श्री कृष्ण बलराम यात्रा में साफ सुनाई दिए। इस यात्रा में श्री कृष्ण अपने भगवान जगन्नाथ रुप में तो नहीं थे, इसलिए यात्रा में उनके श्रद्धालु भी कम रहे। भगवान जगनन्नाथ की यात्रा निकालने इन दो संस्थाओं की आपसी लड़ाई भी जगजाहिर होने के बाद अब इस यात्रा से श्रद्धालुओं की दूरी साफ झलकती दिखाई दी। लड़ाई के बाद अब दोबारा से इन दोनों संस्थाओं की ओर से श्री कृष्ण बलराम यात्रा के नाम से आज निकाली गई ये पहली यात्रा थी, इसलिए भगवान जगन्नाथ के बिना इस यात्रा में भीड़ जुटाने की दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों की जहदोजहद कुछ हद तक कामयाब होते भी दिखी। जगन्नाथ यात्रा के अनुरुप तो इस यात्रा में लोग नहीं आए, लेकिन फिर भी यात्रा को लेकर निकाली गई झांकियां, सड़कों पर लगे स्टाॅल और नाचने गाने को आए विदेशी व देसी श्रद्धालु व रथ खींचने के लिए श्रद्धालुओं का जनून खूब दिखाई दिया। ये यात्रा दुर्गा माता मंदिर से आरंभ हुई और यहां पर सिक्योरिटी के आभाव में कईं लोगों की जहां जेंबें काट गई व कैमरामैन तक के मोबाइल जेब से निकाल लिया। ये यात्रा जहां घुमारमंडी को रात साढे़ सात बजे तक पार करती थी, वो इस बार सवा छह बजे ही पार कर गई। यात्रा में जहां बडे़ राजनीतिज्ञों का डेरा रहता है, वो इस बार काफी हद तक नहीं दिखाई दिया। यात्रा की अगुवाई करने वालों में सतीश गुप्ता, चेरयमैन राजेश ढांडा, इस्कॉन का प्रधान राजेश गर्ग, अमित गर्ग, संजीव सूद बांका, बॉवी शर्मा, काका सूद, बिटूटू नैययर, संजय जैन बरनाला, कैलाश गोयनका, मदन गोयल व अन्य माैजूद थे।
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Yashpal Sharma (Editor)