गिल रोड ₹10 करोड़ी सीमेंट सड़क घोटाले को दबाने की कोशिश शुरु ,आखिर अफसर क्यों कतरा रहे कार्रवाई से
Oct16,2026
| Yashpal Sharma | Ludhiana
यशपाल शर्मा, लुधियाना, 16 अक्टूबर।
लुधियाना में दस करोड़ रुपए की लागत से गिल रोड सड़क निर्माण में घटिया मैटीरियरल का इस्तेमाल और निगम अफसरों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए के घोटाले को अंजाम दे दिया गया, लेकिन इसके बावजूद निगम अफसर फिलहाल कार्रवाई करने के मूढ़ में दिखाई नहीं दे रहे। मौजूदा एसई हरकिरन सिंह का साफ शब्दों में कहना है कि ये सड़क निर्माण चार महीने पहले एसई रमण कौशल के कार्यकाल में हुआ है और इस सड़क के निर्माण में उनका कोई लेना देना नहीं हैं। लेकिन बड़ी बात है कि सीमेंट की इस सड़क के टूटने के बाद इस पर लुक के पैचवर्क तक करवा दिए गए, लेकिन जब मौजूदा एसई हरकिरन सिंह से उक्त घटिया सड़क निर्माण को लेकर ठेकेदार पर क्या एक्शन लिया जाएगा, इस पर वे मौका का अफसर होने के बाजवूद इस पर कार्रवाई के लिए हाई अफसर देखें कि बात कहकर मामले को टालते दिखे। लेकिन उन्होंने ये साफ जरुर किया कि ये सड़क निर्माण उनके कार्यकाल में नहीं किया गया, उन्होंने कुछ ही समय पहले सी जोन का चार्ज संभाला है। लेकिन हैरानी की बात ये भी है कि बीएंडआर में एसई से बड़ा अफसर कोई नहीं रहता और इसके बाद सीधे निगम कमिश्नर ही बडे़ अफसर बचते हैं। ऐसे में अब लगता है कि नए नगर निगम कमिश्नर की ओर से इस सड़क का जायजा लेने के बाद ही अफसर कार्रवाई को आगे आएंगे।
आपको बता दें कि आरएमसी (सीमेंट) की ये सड़क बनने के मात्र 4 महीने बाद ही इस पर दरारें आने लगी है और और कईं जगह पर इस सड़क पर से बजरी भी खिलरनी शुरू हो गई है। इस सड़क पर डाले गए सीवर के ढक्कन भी टूटने शुरू हो गए हैं। निगम अफसरों की मिलीभगत से हुए इस घोटाले का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि ठेकेदार की ओर से टूटी और दबी हुई सड़क के हिस्से को छुपाने के लिए इसके ऊपर लुक का पैच वर्क कर दिया गया। लेकिन सीमेंट के ऊपर डाली की लुक वाली बजरी अधिक दिनों तक टिकी नहीं और वे भी खिलरनी शुरु हो गई। आपको बता दें कि यह सड़क चर्चित ठेकेदार दास बिल्डर की ओर से बनाई गई है।
अभी तक कार्रवाई को लेकर निगम का रुख साफ नहीं
आपको बता दे निगम की बीएंडआर ब्रांच की निगरानी में इतना बड़ा सड़क घोटाला अंजाम दे दिया गया, लेकिन अभी तक मिलीभगुत के चलते इस पर निगम का एक्शन साफ नहीं हो पाया है। जब कि इस पूरे मामले में मौके पर खडे़ हो घटिया मैटीरियरल से सड़क बनाने की मंजूरी देने वाले एसडीओ संदीप कुमार, एसडीओ भूपिंदर सिंह और जेई पवनप्रीत सीधे-सीधे जिम्मेदार हैं । इतना ही नहीं जिस दौरान ये सड़क बनी उस समय एसई का चार्ज रमण कौशल के पास था और ये ठेकेदार के बेहद नजदीकियों में भी गिने जाते हैं। आज भी मौके के एक्सईन कुलविंदर सिंह से मोबाइल पर संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने मोबाइल काट उसे बिजी कर लिया।
ठेकेदार को कर दी गई करोड़ों की पेमेंट
आपको बता दे कि इस सड़क निर्माण के 15 से 20 दिन बाद ही स्थानीय दुकानदारों की ओर से सड़क टूटने की शिकायतें करनी शुरू कर दी गई थी लेकिन इसके बावजूद मिलीभगत के खेल में दास बिल्डर के बिलों को मंजूरी दे दी गई और बिना ग्राउंड रिपोर्ट लिए करोड़ों रुपए की अदायगी ठेकेदार को कर दी गई। आपको बता दे की नगर निगम में बड़े टेंडरों की अलॉटमेंट में और इसके बाद वर्क आर्डर जारी होने में मोटी रिश्वत का खेल चलता है। यही कारण है कि ठेकेदार को घटिया मैटिरियल के साथ यह सड़क बनाने की मंजूरी दी गई और जब भी सड़क टूटने लगी तो अफसरों ने भी अपनी आंखें मूंद ली।
वहीं इस बारे में जब सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि दो महीने पहले बनी ये सड़क टूट कैसे गई, ये बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण को निगम का बीएंडआर विभाग निगरानी करता है और एसई इसमें सबसे बड़ा अफसर होता है। इसमें जेई से लेकर एसई तक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसका एक्शन भी बीएंडआर के मौजूदा एसई की ओर से लिया जाना बनता है, इसे हाई आफिसर देखेंगे, ऐसा कहकर किसी को भी लापरवाही नहीं बरतने दी जाएगी।
राकेश पराशर, सीनियर डिप्टी मेयर लुधियाना
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