पंजाब। पंजाब कांग्रेस में चुनाव से 8 महीने पहले अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही। 5 दिन के दौरे पर आए AICC प्रभारी भूपेश बघेल ने पूर्व CM चरणजीत चन्नी और उनके समर्थकों को दोटूक कह दिया है कि प्रधान बदलना गुड्डे-गुडि्डयों का खेल नहीं है। हाईकमान अपना फैसला नहीं बदलेगा। बघेल ने कहा कि चन्नी के साथ उनकी बात हुई है। चन्नी अभी बाहर हैं। इसके अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा से भी बात हुई है। उन्होंने कहा कि मैं सब के पास जाउंगा। बघेल का कहना है कि राजा वडिंग को 23 जिला प्रधानों का समर्थन है। मीटिंग में जिला प्रधान अपनी सहमति दे चुके हैं। बघेल ने कहा कि चन्नी के साथ उनकी बात हुई है। चन्नी अभी बाहर हैं। इसके अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा से भी बात हुई है। उन्होंने कहा कि मैं सब के पास जाउंगा। बघेल का कहना है कि राजा वडिंग को 23 जिला प्रधानों का समर्थन है। मीटिंग में जिला प्रधान अपनी सहमति दे चुके हैं।
वड़िंग की अगुवाई में नहीं जीत सकते चुनाव
बघेल का ये तल्ख रवैया तब माना जा रहा है, जब चन्नी गुट ने आरोप लगाया था कि उन्होंने हाईकमान को गुमराह किया। उन्हें गलत रिपोर्ट दी गई। हम राजा वड़िंग की अगुआई में 2027 का चुनाव नहीं जीत सकते। इसी बीच कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी तेवर दिखाते हुए कहा कि 2022 के चुनाव में आम आदमी पार्टी के 22 में से 10 विधायक अलग हो गए और उसके बाद भी वो चुनाव में 92 जीत गए। अगर सीनियर लीडर पीछे रह गए तो नए लोग आएंगे। लोगों ने जो मन बना लिया है उसके साथ ही रहेंगे। उन्होंने चन्नी गुट का नाम लिए बगैर कहा कि आठ दस दिन देख लें। अगर उनकी अपील रिजेक्ट हो गई तो फिर से बात कर सकते हैं। वहीं जालंधर कैंट के MLA परगट सिंह का कहना है कि अब पंजाब में एक्सपेरिमेंट का टाइम नहीं है। पंजाब की लड़ाई बहुत बड़ी है और इलेक्शन बहुत नजदीक हैं। फोटो सेशन के जरिए अपनी ताकत दिखाने का टाइम नहीं है। जो हमारी छोटी-छोटी प्रॉब्लम है उन्हें शॉर्टआउट कर देना चाहिए। फोटो सेशन के जरिए नॉरेटिव सेट किए जा रहे हैं। ऐसे में अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि चन्नी गुट को बातचीत की टेबल तक कैसे लाया जाए और उससे भी बड़ा सवाल यह कि चन्नी का अगला कदम क्या होगा?।