पंजाब। पंजाब भाजपा में नए प्रधान केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और रिटायर्ड IAS अफसर जगमोहन राजू ने जनरल सेक्रेटरी पद छोड़ दिया है। इससे पहले पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी ढिल्लों की नियुक्ति पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। जगमोहन राजू के पद छोड़ने को पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि ये भी प्रधान की रेस में थे। हालांकि राजू ने नाराजगी लेकर अभी तक कोई खुलकर बयान नहीं दिया था। लेकिन कैप्टन खुलकर बयान दे चुके हैं।
उन्होंने कहा था- सुनील जाखड़ और अश्वनी शर्मा को हटाने की जरूरत नहीं थी। दोनों अच्छे ढंग से काम कर रहे थे। BJP में फैसला ऊपर से आता है, कांग्रेस में राय ली जाती थी। कैप्टन बीते कल (6 जून) को गृहमंत्री अमित शाह से भी मिल चुके हैं।
जगमोहन राजू ने अपने इस्तीफे में लिखा कि पिछले 4 सालों में उन्हें भाजपा में पंजाब प्रदेश उपाध्यक्ष और जनरल सेक्रेटरी के तौर पर काम करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि यह समय उनके राजनीतिक जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और सीख देने वाले दौरों में से एक रहा।
जनहित के मुद्दों पर समय देना चाहिता
उन्होंने बताया कि संगठन की जिम्मेदारियों के साथ-साथ वे कई जनहित के मुद्दों पर भी काम करते रहे हैं। इनमें अमृतसर को होली सिटी का दर्जा दिलाने की मांग, युवाओं की शिक्षा में मदद, आरटीई के तहत गरीब बच्चों के शिक्षा अधिकारों की रक्षा, अनुसूचित जाति और सिख समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, धर्मांतरण, नशे के खिलाफ अभियान, पंजाबी भाषा को बढ़ावा देने और पंजाब के पानी व चंडीगढ़ जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।
राजू ने कहा कि ये सभी विषय पंजाब और देश के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए वह अब इन मुद्दों पर और ज्यादा समय देना चाहते हैं। इसके लिए वे लोगों से संपर्क, रिसर्च, लेखन, कानूनी लड़ाई और जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कामों के लिए काफी समय, लगातार यात्राएं और पूरी तरह सक्रिय रहने की जरूरत होगी। ऐसे में उनके लिए किसी बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी को उसी समर्पण और प्रभावी तरीके से निभाना मुश्किल हो सकता है।