चंडीगढ़। पंजाब में कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश प्रधान बदल सकती है। यह जोड़तोड़ पार्टी में हिंदू और सिख चेहरों को बराबरी की पावर देने के लिए की जा रही है। अभी प्रधान और विधायक दल नेता, दोनों ही जट्टसिख हैं। इसके अलावा मौजूदा कांग्रेस प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग की अगुआई में विधानसभा उपचुनाव से लेकर निकाय चुनाव तक पार्टी की हार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस बदलाव के लिए कांग्रेस हाईकमान की राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर अहम मीटिंग चल रही है। 4 दिन में यह दूसरी हाईलेवल मीटिंग है, जिसमें प्रदेश प्रभारी पूर्व CM भूपेश बघेल भी शामिल हैं। इस मीटिंग में कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस की तारीफ को लेकर भी चर्चा हो सकती है।
पंजाब कांग्रेस चीफ बदलने के ये 3 सिनेरियो:-
• राजा वड़िंग को बदले जाने के ज्यादा चांस हैं। अगर वड़िंग को बदला गया तो फिर इस पद के लिए पूर्व सांसद विजयइंदर सिंगला फ्रंटरनर हैं। वह कांग्रेस के बड़े हिंदू चेहरे के साथ सीएम भगवंत मान के गृहजिले संगरूर से आते हैं। ऐसे में प्रताप बाजवा विधायक दल नेता बने रहेंगे।
• अगर विधायक दल नेता प्रताप सिंह बाजवा को बदला जाता है तो फिर उनकी जगह दीनानगर से MLA अरूणा चौधरी को यह पद मिल सकता है। वह हिंदू चेहरा होने के साथ दलित वर्ग से भी हैं। इसके बदले प्रताप बाजवा को संगठन की कमान सौंपी जा सकती है। ऐसे में जट्टसिख चेहरे के हाथों में पार्टी की कमान बनी रहेगी।
• कांग्रेस में ये संभावना है कि जट्टसिख चेहरे से पार्टी की प्रधानगी की कुर्सी नहीं छीनी जाएगी क्योंकि भाजपा ने हाल ही में जट्टसिख चेहरे केवल ढिल्लों को प्रधान बनाया है। अगर कांग्रेस ने वड़िंग को हटाकर हिंदू चेहरे को बनाया तो इससे जट्टसिख कम्युनिटी में गलत मैसेज जा सकता है। जिसका नुकसान 2022 के चुनाव में चरणजीत चन्नी को सीएम चेहरा बनाकर कांग्रेस भुगत चुकी है।