डेस्क, लुधियाना
भले ही नगर निगम में कमिश्नर का तबादला हो चुका है, लेकिन बिल्डिंग ब्रांच की ओर से सील बिल्डिंगों का खेला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बात करें बिल्डिंग सील करने की तो इसमें निगम डी जोन बिल्डिंग ब्रांच नंबर 1 पर है। भले ही बिल्डिंग सील करने की पाॅवर अस्सिटेंट टाउन प्लानर के पास है, लेकिन नियमों के तहत सील बिल्डिंग को खोलने की पॉवर केवल नगर निगम कमिश्नर के ही पास है। लेकिन नगर निगम डी जोन में आजकल कुछ ओर चल रहा है। यहां पर कौन सी बिल्डिंग की सील खोल दी और कौन सी बिल्डिंग की सील तोड़ दी व कौन सी बिल्डिंग की सील केवल सेटिंग कर लगाई गई है, इसका पता केवल इलाका एटीपी व बिल्डिंग इंस्पेक्टर को रहता है। लेकिन जब किसी बिल्डिंग या दुकान की सील बिना निगम कमिश्रर की मंजूरी के खुल जाए तो बिल्डिंग इंस्पेक्टर भी सील खुलने में खुद का पल्ला झाड़ लेता है। नगर निगम डी जोन में बीते एक महीने के भीतर हैबोवाल जस्सियां रोड़, हैबोवाल जोशी नगर, डीएसमी के सामने शमशानघाट रोड़ पर बन रही बिल्डिंग, प्रीत सिनेमा के सामने तीसरी मंजिल में डाले गए शैड वाली बिल्डिंग, घुमारमंडी सेठी डिपार्टमेंट स्टोर सहित कईं बिल्डिंगें ऐसी हैं, जिन्होंने इल्लीगल कंस्ट्रक्शन या बॉयलाज के उल्लंघन के चलते सील किया गया था। लेकिन इनमें हैबोवाल जस्सियां रोड़, जोशी नगर में सील दुकानों से सीलिंग हटाई जा चुकी है और डीएमसी के सामने शमशानघाट रोड़ पर सील किए गए गेट को खोल कर दोबारा से कंस्ट्रक्शन आरंभ हो चुकी है। लेकिन इन दुकानों की सील खुली गई या तोड़ी गई और मौके पर कंस्ट्रक्शन शुरु है, या नहीं, इसकी जानकारी तक एमटीपी के पास नहीं है। इसका बड़ा कारण है कि नगर निगम डी जोन में सीलिंग एटीपी व बिल्डिंग इंस्पेक्टर अपने स्तर पर कर रहे हैं और अपने ही स्तर पर खोल कर सेटिंग करने में लगे हैं। इसका बड़ा कारण है कि इस सीलिंग का कोई दफतरी रिकार्ड तक मेनटेंन नहीं किया गया। जब इसकी शिकायत कहीं से आती है तो सीधे सीधे सील न खोले जाने की बात कह गड़बड़झाले पर पर्दा डाल दिया जाता हैं। लेकिन बड़ी बात है कि ये पूरा गोलमाल एमटीपी की नाक तले चल रहा है, लेकिन सील तोड़ने या खोलने वाले पर कोई एफआईआर डी जोन बिल्डिंग ब्रांच की ओर से संबंधित पुलिस थाने को नहीं भेजी गई।
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सीलिंग केवल नाम की, पूरा काम पहले की तरह चल रहा
नगर निगम की ओर से कुछ दिनों पहले प्रीत सिनेमा के सामने एक ऐसी बिल्डिंग का गेट सील कर दिया गया था कि उसकी तीसरी मंजिल पर एक बड़े शैड की कंस्ट्रक्शन जोरों पर चल रही थी। शिकायत आने पर कार्रवाई के नाम पर इस बिल्डिंग का ग्राउंड फलोर पर स्थित साइड गेट सील कर दिया गया। लेकिन इसके पीछे की एक हकीकत ओर थी कि तीसरी मंजिल तक जाने के लिए इस बिल्डिंग में एक गेट ओर था और सीलिंग के कुछ दिन बाद उस खुले गेट से तीसरी मंजिल के नाजायज पड़ रहे शैड की कंस्ट्रक्शन को पूरा कर लिया गया और कहने को ये सीलिंग आज भी गेट के ताले पर हो रखी है। ऐसा ही मामला घुमार मंडी रोड़ पर स्थित सेठी डिपार्टमेंटल स्टोर की सीलिंग में भी हो रखा है। कहने को सेठी डिपार्टमेंटल की बेसमेंट को फ्रंट साइड के गेट को नगर निगम ने सील कर रखा है, लेकिन इस दुकान के अंदर से बेसमेंट को जाता रास्ता पूरी तरह से खुला है और इस स्टोर में पहले की तरह बेसमेंट का कार्मशियल इस्तेमाल जारी है। लेकिन मीडिया व शिकायतकर्ता काे कहने के लिए ये बेसमेंट सील है, जिसे पार्किंग के लिए इस्तेमाल किया जाना था।
Sealing-Game-Going-On-In-Mc-Building-Branch-Opened-Or-Broken-By-Collusion-Nothing-In-Papers
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Yashpal Sharma (Editor)