यशपाल शर्मा, लुधियाना
लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में खूब अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। हर एक दो दिन में निगम कमिश्नर की ओर से एटीपी व बिल्डिंग इंस्पेक्टर इधर से उधर करने का खेल पिछले एक महीने से लगातार जारी है। बिल्डिंग ब्रांच में कब किस अफसर का बिस्तर गोल हो जाए पता ही नहीं चल पा रहा। इसकी बड़ी वजह या तो अफसर की शिकायत या फिर विधायक के लिहाज से न चल पाना माना जा रहा है। निगम कमिश्नर के इशारे पर ताजा ताजा किए गए दो तबादले चर्चा में हैं। ये तबादले बिल्डिंग ब्रांच के इंचार्ज व एडिशनल कमिश्नर के हस्ताक्षरों के साथ किए गए हैं। जिनमें जोन डी में हैड ड्राफटमैन मोहन सिंह के छुटटी पर जाने के चलते कुछ वार्डों का चार्ज देख रहे हरविंदर सिंह हन्नी को अब पक्के तौर पर इन वार्डों का चार्ज दे दिया गया है। जबकि आज से निगम ज्वाइंन करने वाले मोहन सिंह को अब कौन से जोन का चार्ज देखेंगे, ये उनके आने के बाद ही साफ हो पाएगा। वहीं जोन सी में ब्लॉक 29 का चार्ज देख रहे बिल्डिंग इंस्पेक्टर कमल धीर को यहां से फ्री कर दिया गया है।
नए आदेशों में सूरत सिंह जोन डी के इकलौते बिल्डिंग इंस्पेक्टर के साथ साथ अब जोन सी में ब्लॉक 29 का चार्ज भी देखेंगे। कमल धीर के तबादले के पीछे एक वीडियों के वॉयरल होना भी चर्चा में बताया जा रहा है। इस वीड़ियों में एक व्यक्ति की ओर से कमल धीर पर 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगे जाने की बात कही जा रही है और ये रिश्वत न देने के चलते उस पर कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही थी। आपको बता दें कि एक सप्ताह पहले ही जोन डी के कुछ हिस्से का चार्ज रणधीर सिंह को दिया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में उनसे ये चार्ज वापिस लेकर जगदीप सिंह को दे दिया गया।
ऐसे ही सस्पेंशन के बाद बहाल हुए कुलजीत मांगट को जहां पांच दिन पहले जोन डी में पड़ते आत्म नगर हल्के के कुछ वार्डों का बतौर बिल्डिंग इंस्पेक्टर चार्ज दिया गया और अब दो दिन पहले ही उन्हें जोन बी में कुछ वार्डों का एटीपी का चार्ज दे दिया गया है। ऐसे में जहां रोजाना होने वाले आर्डरों से कौंसलर्स को ही नहीं पता लग पा रहा कि उनका एटीपी व बिल्डिंग इंस्पेक्टर कब बदल गया तो वहीं आम पब्लिक को जहां पुराना अफसर नोटिस देकर आता है तो जब वे आफिस मिलने को पहुंचता है, तो उसे पता चलता है कि वे एटीपी या बिल्डिंग इंस्पेक्टर यहां से बदल गया और अब ये नए अफसर चार्ज संभालेंगे।
बिल्डिंग ब्रांच में कई जोन में ये हालात हैं कि एटीपी तो दो दो हो गए हैं, लेकिन फील्ड में काम करने को बिल्डिंग इंस्पेक्टर केवल एक ही है। ये हालात जोन डी में बने हुए हैं, जहां सबसे ज्यादा शिकायतें सरकार व निगम कमिश्रर के पास आती हैं। आपको बता दें पंजाब सरकार की ओर से नक्शों की टाइम बाउंड समय में नए पोर्टल के जरिए पासिंग हो सके, इस पर काम चल रहा है और इसके लिए एक दिन पहले ही लोकल बाडी सेक्रेटरी की ओर से मीटिंग भी बुलाई गई थी। इस नई प्रक्रिया में नक्शे की टाइम बाउंड समय में मंजूरी न मिलने पर अफसरों को चार्जशीट तक करने का प्रावधान रखा गया है। लेकिन ऐसे में जिस तरह से बिल्डिंग ब्रांच में तबादले हो रहे हैं, वैसे किसी भी अफसर के लिए नए पोर्टल के लिहाज से सैट बैठना इतना आसान नहीं होगा।
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Yashpal Sharma (Editor)