यशपाल शर्मा, लुधियाना शहर में धड़ाधड़ बन रही इलीगल बिल्डिंग निर्माण को लेकर नगर निगम कमिश्नर का फार्मूला सेट बैठता नहीं दिखाई दे रहा है। तीन दिन पहले निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल ने डी जोन में तैनात बिल्डिंग इंस्पेक्टर रविंद्र वालिया को सस्पेंड किया था, लेकिन ये कार्रवाई केवल यही तक सीमित होकर रह गई, जबकि शहर में कई बिल्डिंग इंस्पेक्टर धड़ल्ले से इल्लीगल बिल्डिंग्स निर्माण को हरी झंडी दिए हुए है। ऐसे में अभी तक निगम कमिश्नर ना तो उन बिल्डिंगों पर कार्रवाई कर सके है, जिनके चलते रविंद्र वालिया बिल्डिंग इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया और ना ही अन्य जोन में तैनात दोषी बिल्डिंग इंस्पेक्टर्स पर ही कोई कार्रवाई कर पाए हैं । आपको बता दें कि नगर निगम ए जोन के सेंट्रल हलके के ब्लॉक्स में इलीगल बिल्डिंग निर्माण पर नकेल कसने को लगाए गए बिल्डिंग इंस्पेक्टर हरविंदर मक्कड़ इसके उलट अवैध निर्माण खड़े करवाने में मशरूफ है। कई शिकायतें होने के बावजूद उन पर कोई एक्शन निगम की ओर से नहीं लिया गया। जबकि उनकी ओर से करवाए जा रहे अवैध निर्माण की बात की जाए तो इसकी लिस्ट बेहद लंबी है और हलका विधायक के नाम पर इलीगल बिल्डिंग निर्माण का गोरख धंधा से जोरों से चलाया जा रहा है। जिनमें इस्लामिया स्कूल के नजदीक तीन दुकानों के अवैध निर्माण से जुड़ा है, जहां हाउस लेन पूरी कवर कर ली गई है, वहीं ख्वाजा कोठी चौक में पांच मंजिला कमर्शियल इमारत और बाबा थान सिंह चौक में करीब 1100 गज में बनी तीन इलीगल दुकानो के इल्लीगल निर्माण सहित कई अन्य अवैध निर्माण शामिल है। बड़ी बात है कि अभी तक नगर निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल ना तो इन इलीगल निर्माण पर कोई कार्रवाई कर सके हैं और ना ही बिल्डिंग इंस्पेक्टर पर ही कोई एक्शन ले पाए हैं आपको बता दें कि जो यह इललीगल बिल्डिंग निर्माण करवाए जा रहे हैं यह सभी भीड़भाड़ वाले इलाकों से संबंधित है। यहां पर पहले से ही सड़कों पर जाम लगने की स्थिति अक्सर बनती रहती है, लेकिन इन बिल्डिंग निर्माण में बिल्डिंग बायलॉज की कहीं भी पालन नहीं की गई और बिना हाउस लेन छोड़ें इनका निर्माण किया गया है। चालान काटकर दी जाती है बिल्डिंग मलिक को अवैध निर्माण की मंजूरी आपको बता दें कि इन इलीगल बिल्डिंग के निर्माण में सबसे अहम भूमिका बिल्डिंग इंस्पेक्टर की ही रहती है । बिल्डिंग इंस्पेक्टर की ओर से अवैध निर्माण मौके पर रुकवाने की बजाय अपनी चमड़ी बचाने को बिल्डिंग का चालान काट दिया जाता है और यहीं से लाखों रुपए की सेटिंग का पूरा खेल शुरू हो जाता है। बिल्डिंग मालिक ना तो बिल्डिंग बायलॉज के तहत अपना निर्माण चाहता है और यही वजह है कि बिल्डिंग इंस्पेक्टर सेटिंग के जरिए अवैध निर्माण को मंजूरी दे देते हैं। अगर कोई शिकायत या अफसर इन इलीगल बिल्डिंग के बारे में पूछते हैं तो वह यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं इस बिल्डिंग का चालान काटा हुआ है। लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि अगर बिल्डिंग का चालान काटा गया तो उसको इसके निर्माण को मौके पर क्यों नहीं रोका गया। बचाव को जोड़-तोड़ में जुटा बिल्डिंग इंस्पेक्टर आपको बता दें कि हरविंदर मक्कड़ की ओर से करवाए जा रहे हैं इलीगल बिल्डिंग निर्माण का चिट्ठा खुलने के बाद उसकी ओर से अपने बचाव को जोड़-तोड़ लगाने का सिलसिला भी आरंभ कर दिया है । इसके लिए वह शहर के दिग्गज लोगों के पास पहुंचकर अपनी सफाई देने में जुटा हुआ है। हालांकि वह अपनी यह सफाई हल्का विधायक को भी दे चुका है लेकिन सवाल खड़ा यह होता है कि यह बिल्डिंग इंस्पेक्टर सेंट्रल हलके के ब्लॉक में ही आकर लगना क्यों चाहता है और लुधियाना से दो बार तबादला होने के बावजूद उन्हें फिर से ए जोन में ही क्यों तैनात कर दिया जाता है यह कहीं ना कहीं नेताओं और निगम अधिकारियों के बीच की सांठ गांठ की और भी इशारा करता है। बिल्डिंग इंस्पेक्टर पर कार्रवाई मगर इलीगल बिल्डिंग का क्या आपको बता दें कि नगर निगम डी जोन में भी धड़ल्ले से बिल्डिंग बाय लॉज का उल्लंघन किया जा रहा है । शहर में इस जोन में आते कॉलेज रोड, सिमेट्री रोड व घुमार मंडी रोड पर धड़ल्ले से बिल्डिंग बाय लॉज की धज्जियां उड़कर इलीगल बिल्डिंग खड़ी की जा रही है। भले ही उनके नक्शे पास हो लेकिन इसके बावजूद इनके निर्माण में बिल्डिंग बायलॉज की उल्लंघना धड़ल्ले से जारी है । आपको बता दें कि निगम कमिश्नर की ओर से बिल्डिंग इंस्पेक्टर रविंदर वालिया को सस्पेंड किया गया है जबकि रवींद्र वालिया पर आरोप थे कि वे इलीगल बिल्डिंग निर्माण की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाया और यह अवैध निर्माण बनकर तैयार हो चुके हैं। जिनमें पक्खोवाल रोड पर फूलावाल चौक के नजदीक अवैध होटल निर्माण सहित कई अन्य निर्माण शामिल है । अब सवाल खड़ा होता है कि केवल बिल्डिंग इंस्पेक्टर ही पर ही कार्रवाई करनी बनती थी या इन इलीगल बिल्डिंग निर्माण को भी सील या गिराया जाना बनता था।
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Yashpal Sharma (Editor)