पंजाब। अमृतसर में शिरोमणि अकाली दल की IT सेल के नेशनल प्रेसिडेंट नछत्तर सिंह गिल को तरनतारन पुलिस ने अचानक गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम उन्हें रंजीत एवेन्यू के एक कैफे से उठाकर ले गई। गिरफ्तारी के दौरान वह कैफे में फ्रैंड्स के साथ बैठे थे। फ्रेंड्स के साथ बैठा था। गिरफ्तार किए जाने की वजह अभी सामने नहीं आई है। मौके से कैफे का डीवीआर भी पुलिस ने कब्जे में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, तरनतारन उपचुनाव के दौरान नछत्तर गिल को कई बार पुलिस की ओर से धमकियां भी मिली थीं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई तरनतारन पुलिस के डीएसपी अतुल सोनी की अगुआई में हुई, जो फिलहाल गोइंदवाल साहिब में तैनात हैं। गिरफ्तारी का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कदम तरनतारन उपचुनाव से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्टों के चलते उठाया गया हो सकता है। अकाली दल की तरफ से तरनतारन चुनाव के दौरान सरकार के खिलाफ कई पोस्टें की गई थीं, जिसके बाद इस कार्रवाई को चुनावी माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, अकाली दल की सभी पोस्ट इन्हीं से अप्रूव होकर अपलोड होती हैं। अक्टूबर 2018 में नछतर गिल को IT सेल का प्रेसिडेंट बनाया गया था।
उपचुनाव से पहले नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध किया था
तरनतारन में विधानसभा उपचुनाव से पहले अकाली नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर पार्टी ने मोर्चा खोला था। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने तरनतारन में चुनाव पर्यवेक्षकों से इसकी शिकायत की और SSP पर पद का दुरुपयोग करते हुए नेताओं के घरों पर छापे मारने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई अधिकारी लंबे समय से तरनतारन में ही तैनात हैं। अकाली दल की उम्मीदवार सुखविंदर कौर रंधावा ने कहा था कि वार्ड नंबर 14 से अकाली दल के पार्षद शाम सिंह, सरपंच वरिंदर सिंह और पूर्व सरपंच बलविंदर सिंह को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। उन्हें आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू का समर्थन न करने पर झूठे मामले दर्ज करने की धमकी दी गई। उन्हें विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों द्वारा हलके से दूर ले जाया गया।
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Yashpal Sharma (Editor)