यशपाल शर्मा, लुधियाना
नगर निगम की बीएंडआर ब्रांच एक बार फिर से टेंडरों में पूल को लेकर चर्चा में आ गई हैं। नगर निगम मुख्यालय में आज 25 करोड़ रुपए के टेंडरों की टेक्नीकल बिड़ खोली गई और इसके बाद ही इन टेंडरों में पूल किए जाने का हंगामा मच गया। भले ही ये टेंडर आनलाइन सरकारी पोर्टल के जरिए डाले गए हैं, लेकिन इसके बावजूद ठेकेदारों की आपसी सांठगांठ व निगम अफसरों के साथ सेटिंग के खेल में ये टेंडर पूल कर डाले गए हैं। सूत्र बताते हैं कि इन टेंडरों में मात्र 2 से 4 फीसदी का लैस डाला गया है, जबकि इससे पहले इन्हीं टेंडरों में नगर निगम को 15 से 20 फीसदी तक का लैस आता रहा है। आपको बता दें इन 25 करोड़ रुपए के टेंडरों से लुक वाली सड़कें बनाई जानी हैं, लेकिन अभी ठंडे़ मौसम में तबदीली आरंभ हो चुकी हैं और ऐसे में ये काम आगामी फरवरी माह तक करवाने संभव नहीं दिखाई देते। ऐसे में अगर सांठगांठ करके टेंडर डलवाने वाले बीएंडआर अफसर इन टेंडरों की फाइनांसिशयल बिड़ खोलते हैं तो नगर निगम को लाखों रुपए की चपत लगनी तय है। अब देखना है कि रिश्वतखोरी के लिए मशहूर लुधियाना नगर निगम इन टेंडरों को कैंसिल करती है या नहीं, जबकि सूत्र बताते हैं कि ये मामला नगर निगम कमिश्नर तक भी पहुंच चुका है।
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पहले भी कईं बार टेंडर पूल की कोशिशें हो चुकी हैं फेल
आपको बता दें नगर निगम लुधियाना में ठेकेदारों की ओर से टेंडर पूल की कोशिशें लगातार होती रहती हैं और कईं बार हंगामा होने पर ये टेंडर पूल सिरे नहीं चढ़ पाता। आपको बता दें टेंडर पूल में ठेकेदार अपना अपना काम बनाकर टेंडर डालते हैं और इनकी स्पोर्टिंग में कम लैस के दो टेंडर ऑनलाइन डाले जाते हैं। जिसके बाद ठेकेदार एक से दो फीसदी लैस में टेंडर हासिल कर लेते हैं। इन टेंडरों का बड़ा हिस्सा बीएंडआर अफसरों व कईं बार नेताओं तक को भी पहुंचता है।
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आपको बता दें नगर निगम की टीआईसी ब्रांच एसई शाम लाल गुप्ता की देखरेख में काम कर रही है और ऐसे में उनकी देखरेख में टीआईसी सैल स्टाफ को इस पूल की भनक कैसे नहीं लगी, यही बात बडे़ सवाल खडे़ करती है।
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Yashpal Sharma (Editor)