डेस्क, चंडीगढ़ कड़े प्रवर्तन (Enforcement) की कार्रवाई के तहत, एस्टेट ऑफिस, चंडीगढ़ प्रशासन ने आज एलांटे मॉल, प्लॉट नं. 178-178A, इंडस्ट्रियल एरिया, फेज़–I, चंडीगढ़ (संपत्ति संख्या IND–150) में अवैध निर्माणों को हटाने एवं स्वीकृत भवन योजना के अनुरूप अनुपालन बहाल करने के उद्देश्य से ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। 8 अगस्त, 2025 को की गई भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) के दौरान परिसर में कई उल्लंघन पाए गए, जो सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किए गए थे। इस पर संबंधित लीजधारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पर्याप्त सुनवाई का अवसर देने के उपरांत, उपमंडल दंडाधिकारी (पूर्व) ने एस्टेट अधिकारी के अधिकारों का प्रयोग करते हुए ध्वस्तीकरण आदेश पारित किए। तदनुसार, ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की कार्रवाई दिनांक 2 नवम्बर, 2025 को निर्धारित की गई और विधिवत रूप से संपन्न की गई। स्वीकृत भवन पूर्णता योजना के विरुद्ध पाई गई प्रमुख अनियमितताएँ निम्नलिखित हैं – 1.लगभग 22,000 वर्ग फुट क्षेत्रफल के पार्किंग स्थान को हरियाली/लैंडस्केपिंग में परिवर्तित किया गया। 2.हयात रीजेंसी के दाहिनी ओर लगभग 3,000 वर्ग फुट क्षेत्र में बिना स्वीकृति के अस्थायी शेड एवं बैठने की व्यवस्था सहित ओपन कैफे/रेस्तरां संचालित किया गया। 3.बेसमेंट क्षेत्र में लगभग 3,000 वर्ग फुट में बिना स्वीकृति के स्टाफ मेस, वॉशरूम तथा डे केयर सेंटर जैसी गतिविधियाँ संचालित की गईं। ( अन्य उल्लंघन निम्नलिखित हैं) 4.रिटेल मॉल के दाहिनी ओर 500 वर्ग फुट क्षेत्र में भंडारण हेतु आयरन फ्रेम सपोर्ट के साथ IRC फैब्रिक लगाया गया। 5.हयात रीजेंसी के पिछले हिस्से में अनीता डोंगरे दुकान के समीप 850 वर्ग फुट क्षेत्र में अस्वीकृत ऊँचाई और अस्थायी आयरन संरचना निर्मित की गई। 6.वैलेट पार्किंग प्रवेश द्वार पर 550 वर्ग फुट क्षेत्र में टेन्साइल फैब्रिक का अस्थायी शेड लगाया गया। 7.हयात रीजेंसी के आंतरिक नक्शे में परिवर्तन करते हुए पिछले हिस्से में अनीता डोंगरे नाम से दुकान/स्टोर बनाया गया (क्षेत्रफल: 1,800 वर्ग फुट)। 8.हयात रीजेंसी के पीछे पार्किंग क्षेत्र P21 का दुरुपयोग करते हुए 3,500 वर्ग फुट क्षेत्र में अस्थायी शेड एवं ईंट की दीवार बनाकर भंडारण हेतु प्रयोग किया गया। 9.बिना पूर्व स्वीकृति के हैमलीज़ स्लाइड 3rd फ्लोर से 2nd फ्लोर तक लगाई गई (क्षेत्रफल: 40 वर्ग फुट)। 10.बेसमेंट-2 में 300 वर्ग फुट क्षेत्र में अस्थायी लकड़ी का भंडारण बनाया गया। एस्टेट ऑफिस ने यह स्पष्ट किया कि लीज़होल्ड या फ्रीहोल्ड संपत्तियों पर किए जाने वाले सभी निर्माण या संशोधन स्वीकृत भवन योजना एवं कैपिटल ऑफ पंजाब (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1952 तथा चंडीगढ़ एस्टेट रूल्स, 2007 के प्रावधानों के अनुरूप ही होने चाहिए। बिना अनुमति के किए गए निर्माण न केवल नियोजन मानदंडों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और शहर की स्थापत्य व्यवस्था को भी प्रभावित करते हैं। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सभी अवैध ढाँचों एवं अस्थायी संरचनाओं को हटाकर परिसर को स्वीकृत योजना के अनुरूप बहाल किया गया। यह अभियान एस्टेट ऑफिस, इंजीनियरिंग विभाग एवं पुलिस विभाग के समन्वय से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। चंडीगढ़ प्रशासन ने दोहराया कि शहर के नियोजित विकास को बनाए रखने हेतु अवैध निर्माणों एवं भूमि उपयोग के दुरुपयोग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, जिसमें ध्वस्तीकरण और पुनः अधिग्रहण की कार्यवाही शामिल है, निरंतर जारी रहेगी।
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Yashpal Sharma (Editor)