लुधियाना का न्यू हाई स्कूल दंडी स्वामी और सराभा नगर ब्रांच के जाली दस्तावेज तैयार कर 1000 करोड रुपए का घोटाला किया गया है। न्यू हाई स्कूल एल्यूमिनी एसोसिएशन ने एक प्रेस वार्ता करते हुए ये आरोप मैनेजिंग कमेटी न्यू सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिविल लाइन लुधियाना के मेंबर्स पर लगाए हैं और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को पुलिस कमिश्नर को एक पत्र भी देने जा रही है। गौर हो कि स्कूल की करीब 40 से 45000 गज की जमीन पर काबिज सुनील मडिया और उसके परिवार पर पिछले करीब 2 सालों से लगातार आरोप पर आरोप लग रहे हैं और उनके खिलाफ जहां स्टेट विजिलेंस में भी इंक्वारी चल रही है। इसके साथ-साथ इस मामले में हाईकोर्ट में भी एक केस पहले से विचाराधीन है। बड़ी बात है कि आज की गई प्रेस वार्ता में कांग्रेस के पूर्व मंत्री और उनके भाई का नाम भी खुल्लम-खुल्ला इस पूरे घोटाले में लिया गया। इस प्रेस वार्ता की अगुवाई सीनियर एडवोकेट विक्रम सिद्धू की ओर से की गई । जिसमें संगठन के प्रधान राजेश कुमार गर्ग, महासचिव अमर वीर सिंह, वाइस प्रधान मनोज गुप्ता सहित अन्य सदस्य मौजूद थे । इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडवोकेट विक्रम सिद्धू ने कहा कि लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से साल 1966-67 में सांझा स्कूल चलाने को सराभा नगर में 4.71 एकड़ जमीन आलॉट की गई थी और इसी तरह इससे पहले दंडी स्वामी ग्रीन पार्क में न्यू हाई स्कूल को सीनियर सेकेंडरी और प्राइमरी स्कूल चलाने को दो स्कूल साइट अलॉट की गई थी। इन स्कूलों को चलाने का जिम्मा न्यू सीनियर सेकेंडरी स्कूल फॉर बॉयज एंड गर्ल्स दंडी स्वामी ग्रीन पार्क सिविल लाइन नाम की संस्था को दिया गया था। ये संस्था ही प्रबंधक थी। इस पैरेंट बॉडी रजिस्टर सोसायटी की शर्त मुताबिक सिर्फ स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थी और उनके माता-पिता की मेंबर्स थे। इस संस्था में लोकतांत्रिक ढंग से मीटिंग कर मेंबर को नियुक्त किया जाता था। यह सब कुछ 1996 और 97 तक ठीक चला,लेकिन इसके बाद सुनील दत्त मडिया उर्फ सुनील मडिया और एक अन्य व्यक्ति जो जो पूर्व कांग्रेस सरकार में मंत्री पद पर था, ने नियमों का उल्लंघन कर इस संस्था में दाखिल हुए और संस्था के मेंबर बने ।जबकि सुनील मडिया ना तो खुद स्कूल का विद्यार्थी था और ना ही उसका कोई बच्चा स्कूल का विद्यार्थी था। ऐसे ही पूर्व मंत्री और उनका कोई बच्चा भी स्कूल का स्टूडेंट नहीं था। इसके बाद जाली दस्तावेजों के तहत वर्ष 1998 में सुनील मडिया संस्था का प्रधान बन गया और प्रधान बनने के बाद सुनील मडिया और पूर्व मंत्री ने मिलकर साजिश के तहत स्कूल की सांझी संस्था की जायदाद जो करीब 40 से 45000 गज है को हड़पने की नीयत से अपने यारों, दोस्तों रिश्तेदारों को इस संस्था का मेंबर बनना शुरू कर दिया। जबकि कानूनी तौर पर स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के माता-पिता ही इस संस्था के मेंबर और प्रबंधक थे। इसके बाद जाली दस्तावेजों के तहत पुराने मेंबरों को इस संस्था से बाहर निकाल दिया गया और जाली दस्तावेज तैयार करके एक नई समिति न्यू सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिविल लाइन लुधियाना बना दी गई। एफआईआर दर्ज करने को पुलिस कमिश्नर को दी जाने वाली दरखास्त में सुनील दत्त मडिया निवासी किचलू नगर, नमिता गोयल पत्नी संजय गोयल निवासी सराभा नगर, श्रीमती जया बंसल पत्नी गुरप्रीत बंसल निवासी अर्बन स्टेट दुगरी, सनी मडिया निवासी किचलू नगर, नरेंद्र शर्मा निवासी मेजर श्यामलाल रोड केवल कृष्ण निवासी किचलू नगर, भरत कुमार सोनी निवासी पटेल नगर, गोपाल मडिया निवासी किचलू नगर, बलविंदर सिंह निवासी न्यू सीनियर सेकेंडरी स्कूल लुधियाना, राजेश खन्ना निवासी प्रताप सिंह वाला, इंद्रजीत सिंह निवासी शिमलापुरी व अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करने की मांग की गई है। प्रेस वार्ता में इस पूरे घोटाले को उजागर करते हुए बताया गया की दंडी स्वामी स्कूल साइट पर एक प्राइवेट गेस्ट हाउस , चार प्राइवेट कोठियां डबल स्टोरी बनाई गई है और केवल 40-50 बच्चों के लिए नाम मात्र का एक स्कूल चलाया जा रहा है। ये सांझी जगह जिसे केवल एजुकेशन पर्पस के लिए इस्तेमाल किया जाना था, पर नियमों की धज्जियां उड़ाकर लाखों रुपए की किराए की वसूली की जा रही है जबकि सराभा नगर में भी पुरानी संस्था के अधीन 22814 वर्ग गज में एक स्कूल चलाया जाता था जिसमें लुधियाना शहर के नामी कारोबारी विद्यार्थी के तौर पर पड़े हैं। लेकिन अब स्कूल के दस्तावेजों में छेड़छाड़ करके यहां पर एक लीज डीड बनाकर तीन विभिन्न स्कूलों को जमीन दे दी गई है। जिसमें श्री राम यूनिवर्सल स्कूल, कंगारू किड्स स्कूल और एक अन्य ऑर्किड स्कूल चलाया जा रहा है। इसके अलावा इस जायदाद में प्राइवेट तौर पर एक स्पोर्ट्स अकैडमी और कुछ दुकानें भी बना कर किराए पर दे दी गई है केवल शिक्षा के मनोरथ को दी गई इस जमीन पर हर महीने लाखों रुपए के किराए की वसूली की जा रही है। वार्ता में यह भी आरोप लगाए गए की इस पूरे घोटाले में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शामिल रहे हैं। पुलिस को दी जा रही इस शिकायत में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष रमन बालासुब्रमण्यम और ईओ कुलजीत कौर के नाम भी दिए गए हैं।
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Yashpal Sharma (Editor)