चंडीगढ़। पंजाब के शिक्षा विभाग द्वारा अध्यापकों और अन्य स्टाफ की पदोन्नति के लिए अहम फैसला लिया है। अब शिक्षकों को प्रमोशन के लिए चक्कर नहीं लगाने होंगे। एजुकेशन विभाग से टीचरों को शिकायत थी कि विभाग द्वारा प्रमोशन की फाइल गुम कर दी जाती है। मगर अब ऐसा भी नहीं होगा, क्योंकि अब इसकी गुप्त रिपोर्ट ऑनलाइन भरी जाएगी। अब प्रमोशन के लिए भेजी गई हार्ड फाइल मंजूर नहीं की जाएगी। जिससे किसी भी शिक्षक या अन्य कर्मचारी की प्रमोशन में दिक्कत नहीं आएगी। पूरे सर्किल को सही तरह से चलाने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। जिसमें 7 सदस्य होंगे। ये सदस्य पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर रखेंगे और सीधा मंत्रालय हो रिपोर्ट करेंगे। पहले हार्ड-कापी से भरी जाती थी रिपोर्ट शिक्षा विभाग के कर्मचारियों पहले प्रमोशन की गुप्त रिपोर्ट हार्ड कॉपी के जरिए भेजते थे। इससे न तो रिपोर्ट सही से लिखी जाती और न ही उस पर सही से काम हो पाता। इससे फाइलों का गायब होना भी आम बात हो गई थी। इन्हीं तथ्यों को देखते हुए पंजाब सरकार ने ये फैसला लिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार इससे राज्य के करीब 1.50 लाख से ज्यादा टीचरों को फायदा मिलेगा। साल 2023-24 की प्रमोशन की रिपोर्ट एजुकेशन विभाग के IHRMS पोर्टल के जरिए ही स्वीकार की जाएगी। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने ये फैसला लिया है। मंत्री ने कहा- विभाग के पास पहुंची कोई भी हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी और न ही उनका प्रमोशन होगा। ऑनलाइन पोर्टल की होगी देखरेख बता दें कि सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी में गुप्त रिपोर्ट के ऑनलाइन पोर्टल की देखरेख विशेष सचिव स्कूल चेयरमैन और डायरेक्टर स्कूल शिक्षा को मेंबर सचिव करेंगे। साथ ही उनके साथ और सदस्यों में डायरेक्टर एसईआरटी, सचिव पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, डायरेक्टर स्कूल एलिमेंट्री, डीजीएसई दफ्तर का नुमाइंदा और डिप्टी मैनेजर एमआईएस लेवल के अधिकारी शामिल किए गए हैं। बता दें कि उक्त कमेटी NIC से कोऑर्डिनेट करेगी और सारी रणनीति बनाएगी।
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Yashpal Sharma (Editor)