पंजाब। शहर के एक पॉश इलाके में रहने वाले उद्योगपति की दोस्ती इंटरनेट मीडिया पर एक युवती से हुई। पहले चैट हुई, फिर वीडियोकाल होने लगी। बाद में उसे मिलने के लिए होटल बुलाया और वीडियो बना कर युवती और उसके साथियों ने उसे हनी ट्रैप में फंसाकर 22 लाख रुपये की उगाही कर ली। युवती ने उद्योगपति को एक होटल में बुलाया, जहां उसकी आपत्तिजनक वीडियो बनाई गई। इसके बाद वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उससे लाखों रुपये वसूले गए। वीडियो वायरल होने के डर से पीड़ित ने किसी को कुछ नहीं बताया क्योंकि उसके माता पिता, उसकी पत्नी और दो बच्चे थे। भाई, बहन और पूरा परिवार था। जब पीड़ित के एक करीबी दोस्त को इसकी जानकारी मिली और उसने परिवार को अवगत कराया। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पिछले कुछ महीनों में जालंधर और आसपास के इलाकों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें व्यापारी, कारोबारी, नौकरीपेशा लोग और छात्र तक शिकार बने हैं।
कैसे फंसते हैं लोग हनी ट्रैप के जाल में?
हनी ट्रैप के अधिकांश मामलों में पहले सोशल मीडिया, डेटिंग एप या किसी परिचित के माध्यम से संपर्क स्थापित किया जाता है। शुरुआत दोस्ती, सहानुभूति या प्रेम संबंध के रूप में होती है। कुछ दिनों या हफ्तों तक बातचीत के बाद मामला वीडियोकाल तक पहुंचता है और फिर ट्रैप में फंसे पीड़ित को किसी होटल, फ्लैट या सुनसान स्थान पर डेटिंग के लिए बुलाया जाता है। वहां गुप्त रूप से फोटो या वीडियो रिकार्ड की जाती है। इसके बाद ब्लैकमेल का खेल शुरू होता है। फंसने वाले अक्सर पीड़ित सामाजिक प्रतिष्ठा, परिवार और कारोबार पर असर पड़ने के डर से पुलिस के पास जाने के बजाय आरोपितों को पैसे देने लगते हैं।
हमारा पहला उदेश्य आप तक सबसे पहले और सही खबर पहुंचाना। हमारे आसपास क्या हो रहा है, इसके बारे में आपकी नॉलेज को दुरुस्त करना। वहीं समाज की बुराईयों व गलत गतिविधियों संबंधी आगाह करना भी हमारे लक्ष्य में हैं।
Yashpal Sharma (Editor)