अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को इस्तीफा सौंपा। ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की सूचना मुझे मिली है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है। चंपत राय राम मंदिर के सबसे पावरफुल शख्स थे। पूरे मंदिर की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी। राय के बाद ट्रस्टी अनिल और गोपाल राव की मंदिर व्यवस्था में बड़ी भूमिका थी। एक हफ्ते पहले सीएम योगी अयोध्या दौरे पर गए थे। उस कार्यक्रम से चंपत राय को दूर रखा गया था, तभी से यह सुगबुगाहट थी कि चंपत राय हटाए जा सकते हैं। चढ़ावा चोरी मामले में अब तक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आज सभी को कोर्ट में पेश करेगी। इससे पहले, गुरुवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज कराई। इसमें चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं।
चंपत राय के बारे में पढ़िए
• चंपत राय को साल 1991 में उन्हें क्षेत्रीय संगठन मंत्री बनाकर अयोध्या भेजा गया। 1996 में वे विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री बनाए गए। साल 2002 में संयुक्त महामंत्री और फिर अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए। चंपत भगवान राम की सेवा में ऐसे लगे कि उन्होंने शादी भी नहीं की।
• वे अपना पूरा जीवन रामलला के चरणों में अर्पित कर चुके हैं। लोग प्यार से उन्हें रामलला का पटवारी भी कहते हैं। चंपत राय बिजनौर के नगीना कस्बे के सरायमीर मोहल्ले के रहने वाले हैं। चंपत के पिता रामेश्वर जीवन के शुरुआती दिनों से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्य थे।
• इसी वजह से चंपत राय ने भी RSS जॉइन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद धामपुर के RSM डिग्री कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर बन गए। 1975 में आपातकाल के दौरान 18 महीने जेल में रहे। जेल से छूटने के बाद उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और संघ के प्रचारक बन गए।
योगी बोले- दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे
योगी बोले- एसआईटी की रिपोर्ट आते ही कार्रवाई शुरू हो गई। दूध का दूध पानी का पानी करके रहेंगे। जन आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। किसी को छूट नहीं मिलेगी। जो लोग आक्षेप लगा रहे हैं, ये वो लोग हैं जो भगवान राम को नकार चुके थे, कहते थे राम हुए ही नहीं, अयोध्या को भी नकारना चाहते थे। कोर्ट तक पहुंचे, वकीलों की फौज खड़ी कर दी। योगी ने कहा- दूसरा पक्ष वह जो राम का नाम लेने पर भक्तों पर गोली, लाठी चलाते थे। आज कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ। ये रामनवमी पर दंगा करवाते थे, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बैन करते थे, कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देते थे, दुर्गा पूजा पर दंगा करवाते थे.. ये कहते हैं आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ। जिनके काले कारनामों का चिट्ठा खुलता है। कांग्रेस ने देश को लूटा नहीं नोंचा था।
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Yashpal Sharma (Editor)