नए बिल्डिंग इंस्पेक्टर का कारनामा- न्यू आजाद नगर और सन्यास नगर धड़ल्ले से करवाया जा रहा इल्लीगल बिल्डिंग निर्माण
Oct24,2026
| Yashpal Sharma | Ludhiana
नए बिल्डिंग इंस्पेक्टर का कारनामा- न्यू आजाद नगर और सन्यास नगर धड़ल्ले से करवाया जा रहा इल्लीगल बिल्डिंग निर्माण
यशपाल शर्मा, लुधियाना
नगर निगम ए जोन में भले ही पूर्व निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार की ओर से इल्लीगल बिल्डिंग निर्माण को रोकने के लिए कईं बिल्डिंग इंस्पेक्टर इधर से उधर कर दिए हों, लेकिन निगम जोन ए में फिर भी इल्लीगल बिल्डिंग निर्माण रुकने का नाम नहीं ले रहे। बिल्डिंग इंस्पेक्टर और सेवादारों की फीस फिक्स है, इसलिए आम पब्लिक बिल्डिंग प्लान पास करवा सरकारी खजाने में फीस जमा करवाने की बजाय धडल्ले से इल्लीगल बिल्डिंग निर्माण करने किए जा रहे हैं। निगम जोन ए में आते ब्लॉक 32 में आते न्यू आजाद नगर व सन्यास नगर में धड़ल्ले से दो दर्जन के करीब अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी हैं। इस ब्लॉक का जिम्मा पहले गुरविंदर सिंह लक्की के पास था, लेकिन अब सी जोन से तबादला हो कर आए बिल्डिंग इंस्पेक्टर कमल धीर के पास इस ब्लॉक का जिम्मा है। जोन सी में कमल धीर पहले से इल्लीगल बिल्डिंग निर्माण को लेकर विवादों में थे और अब उक्त जोन में उनकी छत्रछाया में इल्लीगल बिल्डिंगों का निर्माण किया जा रहा है। आपको बता दें कि निगम में बिल्डिंग ब्रांच काे देखने वाले ज्वाइंट कमिश्नर तपन भनोट की ओर से कमल धीर की शिकायतों के चलते जोन ए में तबादला किया गया था, लेकिन अब यहां भी कमल धीर व सेवादारों की सेटिंग का खेल शुरु कर दिया गया है।
विवादों में रही है कमल धीर की कारगुजारी
आपको बता दें कि ब्लॉक 32 में न्यू आजाद नगर और सन्यास नगर, वार्ड नंबर चार में आते न्यू प्रेम नगर में एक दर्जन के करीब निर्माण ऐसे हैं, जो पिछले 15 दिनों में शुरु हुए हैं और नगर निगम से इनकी कोई मंजूरी नहीं ली गई। सेवादारों व बिल्डिंग इंस्पेक्टर की जुगलबंदी से सरकारी खजाने में तो कोई फीस नहीं आनी, लेकिन दीवाली के इस सीजन में ये सेवादार व बिल्डिंग इंस्पेक्टर जरुर मालामाल होने वाले हैं। ये निर्माण ऐसे हैं, जिसमें नए बिल्डिंग इंस्पेक्टर ये नहीं कह सकते कि ये बिल्डिंग पहले से बनी हुई थी। सेवादारों व बिल्डिंग इंस्पेक्टर की जुगलबंदी से बहुत से इल्लीगल निर्माणों का मामला एटीपी तक पहुंचता ही नहीं और ये ही मोटा माल खाकर साइड हो जाते हैं। जोन ए में बिल्डिंग इंस्पेक्टर की कमान संभाल रहे कमल धीर का पहले से अवैध बिल्डिंग बनवाने से नाता रहा है और इसी के चलते ज्वाइंट कमिश्नर तपन भनोट ने जोन सी में जम चुके कमल को बदल कर ए जोन में लाए थे, लेकिन सेवादारों के मजबूत जाल से अब यहां भी उसने अपने पैर जमाने शुरू कर दिए हैं।
आफिस में ही उलझे रह जाते हैं एटीपी
नगर निगम में तैनात अक्सर रिकवरी के चक्कर में आफिस में ही सेवादार व इंस्पेक्टर की ओर से लाए जाने वाली चुनिंदा कंप्रोमाइस वाली फाइलों में उलझ कर रह जाते हैं और वे आफिस बैठकर इन्हीं फाइलों के दस्तावेज पूरे करवाने की हिदायतें देते रहते हैं और उनके फील्ड़ में न उतरने से सेवादार व बिल्डिंग इंस्पेक्टर लाखों रुपए रिश्वत डकार जाते हैं। इसका एक बड़ा कारण ये भी हैं कि निगम के एक जोन में छोड़ बाकी सभी जोन में नए एटीपी हैं, लेकिन यहां तैनात बिल्डिंग इंस्पेक्टर बड़े तीसमारखान हैं।
पहले बनाई चार मंजिला इंडस्ट्रियल बिल्डिंग और बिल्डिंग मैटीरियल से बंद की गली
बिल्डिंग ब्रांच में सेटिंग का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हो कि ब्लॉक 32 में आते सन्यास नगर गली नंबर तीन एक बिल्डिंग मालिक ने पहले करीब 400 गज में इल्लीगल बिल्डिंग बनाई और अब मौके पर हालात ऐसे हैं कि बिल्डिंग मालिक ने सरकारी गली पर रेता बजरी गिरा पूरी तरह से रास्ता तक बंद कर डाला है। ये पिछले तीन दिनों से गली बंद पड़ी हैं। बिल्डिंग के अंदर फिलहाल प्लस्तर चालू हैं, लेकिन सेटिंग का खेल न बिगडे़ इसके बाहर सफेदी मार दी गई है।
----------
इस बारे में बिल्डिंग इंस्पेक्टर से रिपोर्ट ली जाएगी और इनका काम मौके पर बंद करवा इनसे बनती फीस ली जाएगी।
निरवान, एटीपी जोन ए
इन बिल्डिंग निर्माणों संबंधी एमटीपी से एक्शन लेने को कह दिया गया है और इस पर संबंधित स्टाफ से रिपाेर्ट भी ली जाएगी।
तपन भनोट, इंचार्ज व अस्सिटेंट कमिश्नर नगर निगम
The-New-Building-Inspector-Handiwork-Illegal-Building-Construction-Is-Being-Carried-Out-Rampantly-In-New-Azad-Nagar-And-Sannyas-Nagar