यशपाल शर्मा, लुधियाना
पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा पर एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट की पिछले 15 दिनों के भीतर दूसरी बार छापामारी ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। इस छापामारी ने पहला बड़ा सवाल यह खड़ा किया है कि जब 15 दिन पहले संजीव अरोड़ा के विभिन्न ठिकानों पर छापामारी की गई थी तो अब मात्र 15 दिन बाद ऐसी नौबत क्या बनी कि दोबारा से एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट की टीम को उनके गुरुग्राम व चंडीगढ़ के ठिकानों पर रेड करनी पड़ी। आपको बता दें कि इससे पहले ईडी की ओर से आम आदमी पार्टी से जुड़े ट्राइडेंट ग्रुप के मालिक राजेंद्र गुप्ता और लवली यूनिवर्सिटी के मालिक व वाइस चांसलर अशोक मित्तल के भी ठिकानों पर रेड की थी और इसके कुछ दिनों बाद ही इन दोनों नेताओं ने आम आदमी पार्टी को छोड़ भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन कर लिया था। इसके ठीक बाद ही ऐसी ही रेड संजीव अरोड़ा व उनके नजदीकियों पर भी हुई थी, लेकिन अरोड़ा ने भाजपा को ज्वाइन नहीं की।
लेकिन अब फिर से संजीव अरोड़ा पर ईडी की रेड कहीं ना कहीं उन पर दबाव बनाने की कोशिश जरूर दिखाई दे रही है। ईडी की पहली रेड के दौरान विदेश में थे संजीव अरोड़ा आपको बता दें कि 17 अप्रैल को जब संजीव अरोड़ा के विभिन्न ठिकानों पर एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट की टीम ने रेड की थी, तब वह सरकारी खर्च पर पंजाब सीएम के साथ विदेश दौरे पर थे और वे रेड खत्म होने के बाद ही पंजाब लौटे थे ।
ऐसे में तब ईडी का सम्मन उन्हें मिला या वे सम्मन के बाद ईडी के समक्ष पेश हुए, यह भी इस पूरे मामले का टेक्निकल पेच है। क्योंकि अगर मेन अभियुक्त ईडी सम्मन पर पेश नहीं होता तो उस केस से संबंधित अन्य अभियुक्तों को सम्मन जारी नहीं हो सकता। ऐसे में आज की एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट की छापामारी के बाद संजीव अरोड़ा व उनके नजदीकियों को ईडी के सम्मन जारी होने की प्रतिक्रिया भी शुरू हो सकती है।
ईडी की दूसरी छापामारी के बाद ऐसी भी चर्चाएं शुरू हो गई है कि पहली रेड के बाद संजीव अरोड़ा को कुछ सोचने का मौका दिया गया और जब इस पर उनका जवाब नहीं आया तो अब उन पर दूसरी रेड कर दी गई है।
आपको बता दे कि फिलहाल ईडी की ओर से कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की बाहें मरोड़ने को कुर्की आदेश जारी कर चुकी है। इसके तहत अब हैम्पटन स्काई रियल्टी के बैंक खाते, काव्या अरोरा के डीमैट और म्यूचुअल फंड खाते, साथ ही लुधियाना, मोहाली और गुरुग्राम में स्थित प्रमुख संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। हैंपटन स्काई के जॉइंट एमडी के पद पर तैनात केतकी गुप्ता बीती 30 अप्रैल को इस्तीफा दे चुकी है।
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Yashpal Sharma (Editor)