लुधियाना। लुधियाना में आरटीआई की आड़ में लोगों को ब्लैकमेल करने वाले 2 भाइयों जगजीत सिंह उर्फ बब्बू, राजविंदर सिंह निवासी अमन नगर की कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि आरोपियों से अब पूछताछ पुलिस कस्टडी में ही की जाए। दरअसल आरोपी जांच में पुलिस को सहयोग नहीं कर रहे थे। आरोपियों के खिलाफ 10 मार्च को सलेम टाबरी थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी और कोर्ट ने 23 मार्च को उन्हें जमानत दे दी थी। कोर्ट ने जमानत देते वक्त उन्हें जांच में सहयोग करने के आदेश दिए थे। आरोपियों ने पुलिस को जांच में सहयोग नहीं किया और उसके बाद पुलिस व शिकायतकर्ता की तरफ से आरोपियों की जमानत रद्द करने की याचिका दायर की। पुलिस ने कोर्ट में बताया कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और न ही अपने गजेट्स पुलिस को दे रहे हैं। एडिशनल सेशन जज वरिंदर सिंह रमाणा ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद दोनों आरोपियों की जमानत रद्द कर दी और उन्हें गिरफ्तार करके पूछताछ करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद थाना सलेम टाबरी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर दिया है और अब उनसे पूछताछ की जाएगी।
पुलिस के साथ सहयोग नहीं कर रहे आरोपी
सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि आरोपियों को 4 अप्रैल को जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे। वे आए जरूर, लेकिन पुलिस द्वारा मांगे गए लैपटॉप, मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश नहीं किए। जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि पुलिस ने जांच के दौरान कई ऐसे RTI आवेदन बरामद किए हैं, जिनका आरोपियों के व्यक्तिगत काम से कोई लेना-देना नहीं था। यह स्पष्ट रूप से ब्लैकमेलिंग की नीयत को दर्शाता है। जमानत पर बाहर रहते हुए भी आरोपियों ने गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की। अदालत ने आदेश सुनाते हुए कहा कि RTI एक्ट पारदर्शिता के लिए है, न कि किसी को मानसिक प्रताड़ना देने के लिए। आरोपियों ने शिकायतकर्ता के परिवार को इस कदर डराया कि एक व्यक्ति ने अपनी जान देने की कोशिश की। कोर्ट ने माना कि इस मामले की तह तक जाने के लिए आरोपियों से कस्टोडियल इंटेरोगेशन बेहद जरूरी है।
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Yashpal Sharma (Editor)