ई न्यूज पंजाब | लुधियाना | 7 जुलाई 2026
लुधियाना के चर्चित कपड़ा व्यापारी दंपति जसबीर सिंह और उनकी पत्नी कुलदीप कौर की आत्महत्या के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए जिला मजिस्ट्रेट (डीसी) लुधियाना और पुलिस आयुक्त/एसएसपी लुधियाना से दो सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) तलब की है।
आयोग ने यह कार्रवाई कीमती रावल द्वारा दायर शिकायत पर की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निजी बैंक के रिकवरी एजेंटों ने व्यापारी दंपति को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया, जिसके चलते उन्होंने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि दंपति के सुसाइड नोट में बैंक के रिकवरी एजेंटों द्वारा किए गए मानसिक उत्पीड़न का स्पष्ट उल्लेख है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि रिकवरी एजेंट राजनीतिक संरक्षण के चलते बेखौफ होकर काम करते रहे और पुलिस प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
NHRC ने क्या कहा
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इसलिए लुधियाना प्रशासन और पुलिस को मामले की जांच कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने आयोग से मांग की है कि जिम्मेदार बैंक अधिकारियों और रिकवरी एजेंटों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए, ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
NHRC के हस्तक्षेप के बाद अब सबकी निगाहें लुधियाना प्रशासन और पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि जांच में शिकायत के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित बैंक अधिकारियों और रिकवरी एजेंटों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है
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Yashpal Sharma (Editor)