पंजाब। लुधियाना जिले के खन्ना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर आंतरिक कलह गहराता जा रहा है। हाल ही में पार्टी के नए कार्यालय के उद्घाटन समारोह में पार्टी नेताओं में खींचतान स्पष्ट रूप से सामने आई। कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम से अनुपस्थित रहे। इस अनुपस्थिति ने पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा मंडल खन्ना-1 के प्रधान अमित भाटिया ने इस कार्यक्रम का खुलकर बहिष्कार किया था। उन्होंने जिला प्रधान भूपिंदर सिंह चीमा पर पार्टी को एक "प्राइवेट लिमिटेड कंपनी" की तरह चलाने का आरोप लगाया था। अब भाटिया ने एक बार फिर अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए चीमा पर निशाना साधते हुए आंतरिक कलह को और बढ़ा दिया है। अपनी नवीनतम पोस्ट में अमित भाटिया ने लिखा कि जिला प्रधान का "अहंकारी स्वभाव" पार्टी को बुरे दौर में ले आया है। उनके अनुसार, 1980 से अब तक खन्ना में भाजपा का इतना खराब दौर कभी नहीं रहा, जो भूपिंदर सिंह चीमा की अध्यक्षता के बाद शुरू हुआ है। भाटिया ने आरोप लगाया कि चीमा किसी को साथ लेकर नहीं चलते, जिससे पार्टी की प्रगति बाधित हो रही है। भाटिया ने समारोह के दौरान जिला प्रधान चीमा द्वारा किए गए एक दावे पर भी सवाल उठाए। चीमा ने प्रत्येक वार्ड में चार-चार उम्मीदवार होने की बात कही थी। खन्ना में 33 वार्ड होने के कारण यह संख्या 132 बनती है, लेकिन भाटिया के अनुसार, उद्घाटन समारोह में खन्ना के 32 लोग भी नहीं पहुंचे थे।
भाटिया बोले- उम्मीदवारों को ढूंढने के लिए शिमला तक गए
उन्होंने अपनी पोस्ट में व्यंग्य करते हुए लिखा कि "132 लोगों की बात सुनते-सुनते हमें 32 हफ्ते हो गए, लेकिन आज तक पता नहीं चला कि ये उम्मीदवार हैं कहां।" भाटिया ने यह भी कहा कि वह इन 132 उम्मीदवारों को ढूंढने के लिए "शिमला" तक चले गए, क्योंकि शायद उन्हें कहीं छिपाकर रखा गया हो।
क्या कहना है प्रधान भूपिंदर सिंह चीमा
इस मामले में जब भाजपा के प्रधान भूपिंदर सिंह चीमा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पार्टी का अनुशासन भंग करना सही नहीं है। अगर किसी को कोई शिकायत या नाराजगी है, तो वह पार्टी हाईकमान से बात कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह सोशल मीडिया पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है। पार्टी हाईकमान पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही अगला एक्शन लिया जा सकता है।
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Yashpal Sharma (Editor)