लुधियाना। मशहूर रागी भाई हरबंस सिंह जगाधरी वालों के पोते महागुरजोत सिंह ने उनकी 20 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी पर फर्जी डॉक्यूमेंट्स से कब्जे का आरोप लगाया है। यही नहीं, जब वे कब्जाधारियों का पता करने गए तो MLA का ड्राइवर NRI बनकर उनसे सस्ते रेट में प्लाट खरीदने पहुंच गया। जब वे कंप्लेंट लेकर विधायक के पास गए तो उन्होंने 60-40 का ऑफर दे दिया। महागुरजोत ने कहा कि इससे उन्हें पता चला कि जिन लोगों ने कब्जा किया, लुधियाना के आत्मनगर से AAP के MLA कुलवंत सिंह सिद्धू उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। इसके बाद उन्होंने MLA के खिलाफ दिल्ली में शिकायत कर दी तो सिद्धू ने उन्हें घर बुलाकर किसी को फोन कर कहलवा दिया कि मिसअंडरस्टैंडिंग हो गई थी। उस वक्त विधायक के पास सिविल वर्दी में रिवॉल्वर लिए लोग खड़े थे। इसलिए उसने डर के मारे ऐसा कह दिया।
इस मामले के मीडिया में आने के बाद MLA सिद्धू ने महागुरजोत को घर बुलाकर मामला हल करने का भरोसा दिया। विधायक ने वीडियो जारी कर कहा कि उसकी जमीन वापस दिलाएंगे। जिसे ये मेरा ड्राइवर कह रहे, वह मेरा आदमी नहीं है। इस मामले से भी मेरा कोई लेना-देना नहीं है।
1989 में दादा ने दुगरी में खरीदी जमीन
महागुरजोत के अनुसार लुधियाना के दुगरी मेन रोड पर उनकी एक प्रॉपर्टी है। यह प्रॉपर्टी 1989 में उनके दादा भाई हरबंस सिंह जगाधरी वालों ने खरीदी थी और वर्तमान में सरकारी रिकॉर्ड (फर्द) में उनके बड़े भाई जगजोत सिंह (जो न्यूयॉर्क,USA में रहते हैं) के नाम दर्ज है। महागुरजोत सिंह ने बताया कि प्रॉपर्टी की चारदीवारी करवाई थी। दिसंबर 2023 में परिवार को पता चला कि उनकी जमीन पर कुछ भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर लिया है। जब वो मौके पर पहुंचे तो प्लाट पर कब्जा किया था। जब परिवार मौके पर पहुंचा,तो वहां सतविंदर सिंह और सतनाम सिंह सत्ता नाम के व्यक्तियों ने दावा किया कि उन्होंने यह जमीन भाई हरबंस सिंह से खरीदी है। महागुरजोत सिंह ने बताया कि उनके पास जो रजिस्ट्री है, उस पर लगी फोटो किसी T-Series की पुरानी ऑडियो कैसेट से काटकर लगाई गई है। बिना किसी बैंक ट्रांजेक्शन और बिना पुख्ता कागजों के सरकारी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की गई है।
MLA के ड्राइवर की साजिश
महागुरजोत ने बताया कि एक दिन एक व्यक्ति वरिंदर सिंह बाजवा खुद को NRI बताकर जमीन को कौड़ियों के दाम खरीदने आया। बाद में पता चला कि वह कोई NRI नहीं बल्कि विधायक कुलवंत सिद्धू का अपना ड्राइवर है, जो आज भी विधायक के साथ साए की तरह रहता है।पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब वे इंसाफ के लिए विधायक कुलवंत सिद्धू के पास गए तो वहां मदद की जगह सेटलमेंट का दबाव बनाया गया। आरोप है कि विधायक ने कहा कि आप लोग NRI हो, यह जमीन मिट्टी के भाव खरीदी गई थी। अब इसे बेच दो, 60% पैसा आप रख लो और 40% दूसरी पार्टी (कब्जाधारी) को दे दो। महागुरजोत ने बताया कि MLA का रवैया देखकर उन्हें पक्का हो गया था कि ये कब्जाधारी को संरक्षण दे रहे हैं। इसलिए उन्होंने एमएलए की शिकायत सीएम से लेकर केजरीवाल तक को भेजी। अधिकारियों के पास शिकायत जाने के बाद एमएलए से जवाब तलबी हुई।
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Yashpal Sharma (Editor)