यशपाल शर्मा, लुधियाना
लुधियाना के हैबोवाल कलां में नगर निगम और ग्लाडा के अफसरों ने मिलकर इलीगल कॉलोनी बनवा डाली। यह सुनकर थोड़ा आपको ताज्जुब हुआ होगा, लेकिन सच्चाई कुछ इसी तरह की है। अफसोस की सेटिंग का खेल है कि नगर निगम की हद के एकदम साथ में हैबोवाल चूहूरपुर रोड पर काटी गई। इस इलीगल कॉलोनी में नगर निगम और ग्लाडा के अफसर मोटी रिश्वत के खेल में जानबूझकर ये तह करने को राजी नहीं कि यह इलीगल कॉलोनी उनकी हद में आती है या नहीं । पिछले 6-8 महीनों में इस इलीगल कॉलोनी में पहले सीवरेज डाला गया और उसके बाद बिजली के खंभे भी खड़े कर दिए गए । वहीं अब मौके पर धड़ल्ले से डेढ़ दर्जन के करीब कोठियां बिना नक्शे के बन रही है।
बड़ी बात है कि नियमों के तहत 2018 के बाद बनने वाली इलीगल कॉलोनी की ना तो रजिस्ट्री हो सकती है और ना ही ऐसी इलीगल कॉलोनी में बिजली के मीटर लग सकते हैं, लेकिन यह बातें शायद इस कॉलोनी पर लागू नहीं होती। पिछले कुछ समय से इस कॉलोनी में बिजली के मीटर लगने की समस्या आ रही थी लेकिन पिछले दो महीने में मोटे रुपयों के लेनदेन के बाद इस कॉलोनी में बिजली के मीटर भी लग गए और सैंपल के तौर पर कोठियां भी तैयार कर दी गई।
बड़ी बात है कि कभी इस कॉलोनी को नगर निगम के दायरे में बताया जाता है तो कभी इस कॉलोनी की जमीन ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी की हद में बताई जाती है। इसी बात का फायदा कॉलोनाइजर की ओर से भी उठाया जा रहा है। ग्लाडा के अफसर इस कॉलोनी को नगर निगम का हिस्सा बता छोड़ जाते हैं तो वहीं नगर निगम के अधिकारी इसे ग्लाडा के हिस्से में बता अपनी फीस ले लौट जाते हैं।
करोड़ों रुपए की EDC और CLU की चोरी
हैंबोवाल में चूहूरपुर रोड पर काटी गई यह कॉलोनी करीब 3.5 एकड़ में काटी गई है। जिसमें करोड़ों रुपए के एडीसी और सीएलयू व लाइसेंस फीस की चोरी की गई है। किसी भी जमीन पर कॉलोनी काटने से पहले इसका एक लेआउट प्लान नगर निगम या ग्लाडा को सबमिट करना होता है । जिसके तहत एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (EDC) और चेंज ऑफ़ लैंड (CLU) का चार्ज कॉलोनाइजर से लिया जाता है। इलीगल कॉलोनियां ना काटी जाए, इसके लिए पंजाब सरकार की ओर से जून 2025 से इलीगल कॉलोनी को रेगुलराइज करवाने की फीस में बड़ी वृद्धि की जा चुकी है। इसके अलावा रेगुलेशन में लाइसेंस फीस, नक्शा फीस, सेस, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जैसे चार्ज लिए जाते है।
बिना एनओसी आखिर कैसे लगा डाले कॉलोनी में बिजली के मीटर
आपको बता दें कि पंजाब सरकार जारी हिदायतों मुताबिक साल 2018 के बाद काटी गई इलीगल कॉलोनी की जमीन के खसरों में रजिस्ट्री नहीं करवाई जा सकती और वही ऐसी इलीगल कॉलोनी में बिजली के मीटर भी पावरकाम की ओर से नहीं लगाए जाने की हिदायतें की गई है, लेकिन इसके बावजूद उक्त इलीगल कॉलोनी में बिजली के खंभे खड़े कर दिए गए हैं और वही यहां पर पिछले दो महीनों में बनी कोठियों में बिजली के मीटर भी लगा दिए गए हैं। इससे यह बात साफ है कि इस इलीगल कॉलोनी में बड़े स्तर पर सेटिंग का खेल जारी है। जिसमें सरकारी अफसरों की ओर से मोटी रिश्वत लेकर इलीगल कामों को हरी झंडी दी जा रही है। नगर निगम के मेन सीवर से जोड़ा कॉलोनी का इलीगल सीवरेज भले ही नगर निगम के सरकारी खजाने में इस इलीगल कॉलोनी को बनाने के एवज में ₹1 तक सरकारी खजाने में जमा नहीं हुआ, लेकिन इसके बावजूद इस इलीगल कॉलोनी का सीवरेज नगर निगम के मेन सीवर से जोड़ दिया गया है । आपको बता दें कि इसी कॉलोनी के साथ नगर निगम की हद में आते इलाके विजयनगर की गलियां लगती है। ऐसे में इस कॉलोनी की ओर से बिना सरकारी फीस चुकाए नगर निगम की सभी सुविधाओं का फायदा अगले महीनों में जमकर लिया जाएगा।
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वही इस बारे में जब एमटीपी विजय कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके भी ध्यान में आया है और संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर को से इस बारे में रिपोर्ट मांगी गई है । बिल्डिंग ब्रांच की टीम मौके पर पहुंचे साइट का जायजा लेगी और यह कॉलोनी निगम के हद में आती है या ग्लाडा की इस रिपोर्ट के बाद अगली कार्रवाई होगी।
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Yashpal Sharma (Editor)