लुधियाना, 6 फरवरी, 2025
आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स), नई दिल्ली के अलावा, सरकार ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत 22 नए एम्स की स्थापना को मंजूरी दी है। यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने लुधियाना से सांसद (राज्यसभा) संजीव अरोड़ा द्वारा एम्स में फैकल्टी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी पर राज्यसभा के चल रहे बजट सत्र में पूछे गए सवालों के जवाब में कही।
मंत्री ने राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार स्वीकृत और वर्तमान में संचालित एम्स की स्थिति के साथ-साथ फैकल्टी और नॉन-फैकल्टी पदों का विवरण भी दिया।
आज एक बयान में अरोड़ा ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश भर के 23 एम्स में कुल 5,943 स्वीकृत फैकल्टी पदों में से केवल 3,699 पद भरे हुए हैं और शेष 2,244 पद रिक्त हैं। इसी तरह, कुल 56,078 स्वीकृत नॉन-फैकल्टी पदों में से 39,536 पद भरे हुए हैं और शेष 16,542 पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि दिल्ली भारत की राजधानी है। एम्स, नई दिल्ली में कुल 1235 स्वीकृत फैकल्टी पद हैं। इसमें से 810 भरे हुए हैं और 425 खाली पड़े हैं। 14343 स्वीकृत नॉन-फैकल्टी पदों में से 12101 पद भरे हुए हैं और 2242 पद खाली पड़े हैं। देश भर में अन्य स्थानों पर भी लगभग यही स्थिति है।
एम्स, बठिंडा (पंजाब) में जहां एमबीबीएस कक्षाएं / ओपीडी / आईपीडी चालू हैं। कुल 209 स्वीकृत फैकल्टी पद हैं। इनमें से 140 पद भरे हुए हैं और 69 खाली पड़े हैं। 1624 स्वीकृत नॉन-फैकल्टी पदों में से 1128 पद भरे हुए हैं और 496 पद खाली पड़े हैं।
आंकड़े यह भी बताते हैं कि एम्स अवंतीपोरा (कश्मीर) निर्माणाधीन है। यहां कुल 94 स्वीकृत फैकल्टी पद हैं। इनमें से कोई भी पद भरा हुआ नहीं है और इस तरह सभी 94 पद खाली पड़े हैं। 252 स्वीकृत नॉन-फैकल्टी पदों में से 2 पद भरे हुए हैं और 250 पद खाली हैं। पंजाब के दूसरे पड़ोसी राज्य हरियाणा में रेवाड़ी में भी एम्स निर्माणाधीन है। यहां कोई भी स्वीकृत फैकल्टी पद नहीं है। 7 स्वीकृत नॉन-फैकल्टी पदों में से 1 पद भरा हुआ है और 6 पद खाली पड़े हैं। एम्स दरभंगा (बिहार) में भी काम चल रहा है। यहां कोई भी फैकल्टी पद स्वीकृत नहीं है। 7 स्वीकृत नॉन-फैकल्टी पदों में से 1 पद भरा हुआ है और 6 पद खाली पड़े हैं।
अरोड़ा ने पूछा था कि राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के अनुसार कुल कितने एम्स स्वीकृत किए गए हैं और वर्तमान में कितने चालू हैं। उन्होंने राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के अनुसार एम्स में फैकल्टी और हेल्थ केयर सर्विस प्रोवाइडर्स की कमी की वर्तमान स्थिति के बारे में भी पूछा था। इसके अलावा, उन्होंने इन संस्थानों में फैकल्टी और हेल्थ केयर सर्विस प्रोवाइडर्स की कमी को दूर करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी पूछा था। मंत्री ने अपने उत्तर में आगे बताया कि पदों का सृजन और भर्ती एक सतत प्रक्रिया है। विभिन्न एम्स में रिक्त स्वीकृत पदों को शीघ्रता से भरने के लिए सरकार द्वारा कुछ कदम उठाए गए हैं।
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Yashpal Sharma (Editor)