चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शिक्षक दिवस पर आज मोगा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहुंचे हैं। उनके साथ शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस व अन्य कैबिनेट मंत्री भी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दीप प्रज्ज्वलित करने सहित भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को पुष्प अर्पित किए। सरकारी कन्या स्कूल की छात्राओं ने शब्द श्रवण रस्म अदा की। इसके बाद शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने प्रोग्राम में मौजूद सभी शिक्षकों व अन्यों से कहा कि यदि दुनिया में कोई सबसे पावन किरदार है तो वह अध्यापक का है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जगत में ग्रांट की कोई कमी नहीं है।
हर सप्ताह सामने लाए जाएंगे 'टीचर ऑफ द वीक'
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि अब हर सप्ताह टीचर ऑफ द वीक सामने लाए जाएंगे। उनके योगदान और संघर्ष बारे प्रेस और पंजाब को बताया जाएगा। उन्होंने संगरूर के एक स्कूल के शिक्षक दंपती का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने संपूर्ण जीवन स्कूल को दिया है। छुट्टी के बाद भी स्कूल में रहकर बच्चों को खेल खिलाते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब का शिक्षा विभाग यह है और ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं। इससे पहले बैंस ने शिक्षा विभाग का कार्यभार उन्हें सौंपने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का धन्यवाद प्रकट किया। साथ ही कहा कि शिक्षा विभाग अब से पहले केवल धरना और लाठीचार्ज वाला विभाग समझा जाता था, जो पंजाब की त्रासदी थी। जिस विभाग के हाथ में हर बच्चे का भविष्य हो, उसके केवल धरने वाला विभाग माना गय
शिक्षा मंत्री ने 500 स्कूलों का दौरा किया
शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने 14 महीने के कार्यकाल में 500 से अधिक स्कूलों में गए। उनकी ओर से देखा गया विभाग धरने वाला विभाग नहीं है। केवल चंद लोग ही टंकियों पर चढ़े। कई कर्मचारयों की मांगें सही भी थी। उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारों ने ग्रांट न देकर सरकारी स्कूलों का बुरा हाल किया। लेकिन शिक्षकों ने अपनी नेक कमाई और अपने लोगों की मदद से स्कूलों को संवारा। उन्होंने नाभा के एक हाई स्कूल ठूई का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां के अध्यापक उन बच्चों को अपने घर रखकर उनका पालन-पोषण करते हैं, जो गरीबी के कारण शिक्षा लेने में असमर्थ हैं।
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Yashpal Sharma (Editor)