August 23, 2026 03:59:34

पंजाब के पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी पर हाईकोर्ट सख्त, पेंडिंग 565 Fir का मांगा ब्योरा, 80 मामलों की फाइलें हो चुकीं गायब, डीजीपी हर सोमवार को करेंगे Ssp से बैठक

Aug22,2026 | Enews Team | Punjab

पंजाब। पंजाब में आपराधिक मामलों की जांच में हो रही देरी पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने सभी एसएसपी और पुलिस कमिश्नरों को अपने क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय से लंबित आपराधिक मामलों की पूरी सूची पेश करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने जांच में देरी के कारण आरोपियों की स्थिति, गिरफ्तारी, आरोपियों को भगोड़ा घोषित करने और उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई समेत पूरी जानकारी मांगी है। यह मामला जस्टिस एनएस शेखावत की अदालत में जसपाल सिंह उर्फ घोघा उर्फ सोनू की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक आपराधिक मामलों की जांच लंबित रहना गंभीर चिंता का विषय है।

565 FIR की जांच 3 साल से लंबित
अदालत के सामने अमृतसर ग्रामीण के SSP की ओर से दाखिल हलफनामे में सामने आया कि जिले के अलग-अलग थानों में 565 FIR की जांच 3 साल से अधिक समय से लंबित है। इन मामलों में कुल 1219 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि 105 आरोपी बेगुनाह पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार 1168 आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं किए गए हैं। इनमें से केवल 48 आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया गया है। इसके अलावा 80 मामलों में जांच अधिकारियों की फाइलें भी तीन साल से अधिक समय बीतने के बावजूद गायब हैं। अदालत ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि 565 FIR की जांच इतने लंबे समय से लंबित रहना बेहद चिंताजनक है। इससे इन मामलों में अपराध के पीड़ितों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

हत्या की FIR, 2 साल में गिरफ्तारी नहीं
हाईकोर्ट ने इससे पहले 23 जुलाई को पाया था कि अमृतसर ग्रामीण के कंबोज थाने में 1 सितंबर 2023 को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत FIR दर्ज की गई थी। इस मामले में नामजद आरोपियों को 2 साल से अधिक समय तक गिरफ्तार नहीं किया गया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस सक्रिय हुई और याचिकाकर्ता को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद अदालत ने अमृतसर ग्रामीण जिले में 3 साल से अधिक समय से लंबित सभी जांचों का पूरा विवरण मांगा था। इसी रिपोर्ट में 565 FIR का आंकड़ा सामने आया।
पुलिस तंत्र पूरी तरह ढह गया
हाईकोर्ट ने अजनाला थाने में करीब 109 जब्त, बरामद या लावारिस वाहन पड़े होने का भी उल्लेख किया। SSP की रिपोर्ट के अनुसार, थाने के हेड मुंशी कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने अभी तक थाने का चार्ज नहीं संभाला था। उनसे पहले तैनात मुशी ने भी चार्ज नहीं लिया था। अदालत ने इस स्थिति पर भी नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने कहा कि SSP ने खुद माना है कि अजनाला थाने में लंबे समय से इस तरह की लापरवाही जारी है। हाईकोर्ट ने अमृतसर ग्रामीण पुलिस जिले की कार्यप्रणाली पर बेहद सख्त टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि हलफनामे से ऐसा प्रतीत होता है कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस जिले में पुलिस तंत्र पूरी तरह ढह गया है और वर्ष 2013 से इस पुलिस जिले की ठीक तरीके से निगरानी नहीं हुई। अदालत ने यह भी कहा कि लंबित जांचों की निगरानी राज्य स्तर पर भी नहीं हो रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि गृह विभाग के अधिकारियों को भी इन गंभीर खामियों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

High-Court-Takes-A-Tough-Stance-With-Punjabs-Police-Commissioners-And-Ssps-Seeking-Details-On-565-Pending-Firs-Files-For-80-Cases-Have-Gone-Missing-And-The-Dgp-Will-Hold-Weekly-Monday-Meetings-With-The-Ssps




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