लुधियाना। केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म सतलुज को लेकर पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ पर सीधा हमला बोला है। जसवंत सिंह खालड़ा पर आधारित हालिया फिल्म और ओटीटी विवाद पर बोलते हुए बिट्टू ने दिलजीत को बहुरूपिया और पैसों का लालची करार दिया। लुधियाना में अपने निजी दौरे पर पहुंचे बिट्टू ने स्पष्ट किया कि यह फिल्म कोई सिख पंथ या पंजाब की सेवा नहीं है बल्कि करोड़ों रुपये कमाने की एक सोची-समझी स्क्रिप्ट और पब्लिसिटी स्टंट है। अपने बयान में बिट्टू ने फिल्म चमकीला,1984 के सिख दंगों और अमिताभ बच्चन का जिक्र करते हुए दिलजीत को बुरी तरह से घेरा। बिट्टू ने कड़े शब्दों में कहा,विदेशों में तू (दिलजीत) उन लोगों को बाहर निकालने को कहता है जो खालिस्तान का झंडा लेकर आते हैं। तू है क्या यार? तू हर तरफ से बहुरूपिया है। जहां से तुझे पैसा आता दिखता है, तेरा झोला उधर ही उठ कर चल पड़ता है। बिट्टू ने कहा,जिस अमिताभ बच्चन ने 1984 में सिखों का सबसे बड़ा घाण करवाया, ये दिलजीत जाकर उसके पैरों में गिरता है।
महलों में बैठकर पंजाब का दर्द बता रहा है
बिट्टू ने तंज कसते हुए कहा, दिलजीत को क्या दर्द है? विदेश के बड़े-बड़े महलों में बैठकर मजे ले रहा है। जब पंजाब में खालड़ा साहब संघर्ष कर रहे थे तब ये कहां था? इसका पूरा परिवार सरकारी नौकरियां करता था सरकार की ऐश लूटता था और आज इन्हें बातें आ रही हैं। बिट्टू ने कहा,यही वो बंदा है जिसने आज तक के सबसे गंदे गाने गाए। जिस चमकीला ने पंजाब की बेटियों-बहनों के लिए सबसे गंदे गाने बनाए और जिसे आतंकवादियों ने मारा था, उस पर इसने फिल्म बनाई। अगर इसे बेटियों-बहनों की इतनी ही फिक्र होती तो कभी चमकीला फिल्म न बनाता। सबसे गंदी पिक्चर का ये किरदार बना और आज ये संत बन रहा है।
ओटीटी पर सरकार का नहीं कंट्रोल
बिट्टू ने खुलासा किया कि फिल्म को ओटीटी से हटाना कोई सरकारी दबाव नहीं था। इन्हें पता था कि दो-तीन दिन में इनका पैसा पूरा हो जाएगा। जब इनका 199 या 399 रुपये वाला टारगेट पूरा हो गया, तो पब्लिक स्टंट के लिए बोल दिया कि फिल्म हटाई जा रही है। ओटीटी पर सरकार का कोई कंट्रोल नहीं होता,ये जब चाहें फिल्म डाल सकते हैं आज डालें, कल डालें,कोई नहीं रोक रहा। यह सिर्फ इनका ड्रामा है।
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Yashpal Sharma (Editor)