लुधियाना। शनिवार को लुधियाना के सुंदर नगर स्थित किंग पैलेस में खत्री-अरोड़ा समाज की और से महासभा के बीच भारी हंगामा हो गया। दरअसल, सभा में मौजूदा मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन और कांग्रेसी सीनियर लीडर दर्शन लाल बवेजा पर उन्हीं के 92 वर्षीय बुजुर्ग पिता बलवंत सिंह अरोड़ा और आपाहिज भाई गुलशन लाल बवेजा ने गंभीर आरोप लगा डाले। इस दौरान बहसबाजी भी हुई और माहौल गर्मा गया। लड्डू के पिता और भाई ने स्टेज पर जाकर बेटे दर्शन लाल बवेजा उर्फ लड्डू, उनके बेटे और डी.एम. डेवलपर्स के सभी साझेदारों का सामाजिक बहिष्कार करने की मांग की कोशिश की। लेकिन उन्हें स्टेज पर जाने से रोक दिया गया। इस दौरान बलवंत सिंह की तरफ से उनके बेटे गुलशन लाल ने आरोप लगाए कि वे अपने ठग बेटे दर्शन बवेजा का असली चेहरा सामाज के सामने लाना चाहते थे, जिसके चलते वे इस सभा में आए। उन्होंने कहा कि बिहार के नेता लालू प्रसाद यादव की तरह दर्शन लाल बवेजा ने भी करोड़ों रुपए का चारा घोटाला किया है। आस्था के नाम पर ठगियां की है। इसी के साथ साथ लोगों की जबरन जमीनें हड़पी और यहां तक कि जमीन के लालच में अपने आपाहिज भाई गुलशन लाल बवेजा और बुजुर्ग पिता बलवंत सिंह पर अदालती केस दायर कर दिए और पुलिस कमिश्नर को झूठी शिकायतें दे दी। जिसके चलते बुजुर्ग पिता इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। बता दें कि इस महासभा का आयोजन समाज के सभी लोगों ने मिलकर किया था। बैठक में पद्मश्री ओंकार सिंह पाहवा, राजिंद्र सिंह बसंत, आप नेता मनू जैरथ, विपन सूद काका समेत समाज की कई नामी शख्शियतें इस दौरान मौजूद रही।
सरेआम कर डाला चारा घोटाला
गांव बौकड़ डोगरां के रहने वाले 92 वर्षीय बलवंत सिंह अरोड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनका बेटा दर्शन लाल बवेजा उर्फ लड्डू का वास्तविक चेहरा समाज के सामने लाना जरुरी है। वह खुद को समाजसेवक, गौ सेवा आयोग का सदस्य, बाल गोपाल गौशाला का चेयरमैन, पक्षी सेवा सोसायटी का चेयरमैन, डी.एम. डेवलपर्स का संरक्षक तथा अनेक सामाजिक संस्थाओं का पदाधिकारी बताता है। उसकी और से समाज के साथ ही धोखा किया जा रहा है। उनका आरोप है कि अरोड़ा-खत्री समाज के लोगों द्वारा अपनी कमाई में कटौती कर गौशालाओं में दान देते हैं ताकि गायों के चारे की व्यवस्था हो सके। लेकिन लड्डू ने गौशालाओं को मिलने वाले दान के धन का अप्रत्यक्ष रूप से दुरुपयोग हुआ और यह मामला चारा घोटाले जैसी घटनाओं की याद दिलाता है।
दर्जनों ठगी के पर्चे हैं दर्ज
बलवंत सिहं का आरोप है कि दर्शन लाल बवेजा और उसके पुत्र अरुण कुमार ने फिल्लौर स्थित गौशाला के पीछे एक योजना के तहत लगभग 24 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से जमीन खरीदी। बाद में उसी जमीन का हिस्सा श्री गोपाल गौधाम चैरिटेबल ट्रस्ट, फिल्लौर को लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये में बेच दिया। आरोप लगाया है कि डी.एम. डेवलपर्स के साझेदार जोगा सिंह तथा अन्य साझेदारों द्वारा कथित फर्जी एनओसी के आधार पर रजिस्ट्रियां कराई गईं। इस संबंध में थाना मोती नगर, लुधियाना में एफआईआर दर्ज है। इसके अतिरिक्त मेरे अनुसार दर्शन लाल बवेजा उर्फ लड्डू के खिलाफ थाना लाडोवाल, सलेम टाबरी और मेहरबान में भी कई एफआईआर दर्ज हैं। इतने मामलों के बावजूद वह स्वयं को समाज का सम्मानित व्यक्ति बताता है।
कई तरह की फीसें चोरी कर सरकार को पहुंचाया नुकसान
बलवंत अरोड़ा का आरोप है कि दर्शन लाल बवेजा, उसके सहयोगियों तथा डी.एम. डेवलपर्स के साझेदारों के खिलाफ करोड़ों रुपये की स्टांप ड्यूटी चोरी, सीएलयू फीस, डेवलपमेंट फीस तथा कथित फर्जी या बिना एनओसी के सैकड़ों रजिस्ट्रियां कराने संबंधी शिकायतें जिला प्रशासन के पास लंबित हैं। इसके अलावा लुधियाना की सिविल और आपराधिक अदालतों तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी अनेक मुकदमे विचाराधीन हैं। उन्होंने आरटीआई के तहत इन मामलों की जानकारी प्राप्त की है। राजनीति छत्रछाया के चलते उसके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठा पाता।
बुजुर्ग पिता और आपाहिज भाई खिलाफ सीपी को दी झूठी शिकायतें
बलवंत अरोड़ा का आरोप है कि डायन भी एक घर छोड़ देती है, लेकिन दर्शन लाल बवेजा उर्फ लड्डू ने अपने 92 वर्षीय पिता को भी नहीं बख्शा। उसने 28 अप्रैल पुलिस कमिश्नर लुधियाना को मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ कथित रूप से झूठी शिकायत दी। अगले ही दिन शिकायत जांच के लिए डीसीपी इन्वेस्टिगेशन को भेज दी गई और 30 अप्रैल 2026 को मुझे तथा मेरे बेटे गुलशन लाल को सभी दस्तावेजों सहित बुला लिया गया। पिछले कई महीनों से हम लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, जबकि शिकायतकर्ता स्वयं किसी भी तारीख पर उपस्थित नहीं हुआ। जबकि उनके पास हर दस्तावेज मौजूद है। लेकिन पुलिस दबाव में है।
लड्डू पर कई लोगों की कथित मौत के आरोप
बलवंत अरोड़ा का आरोप है कि 12 वर्ष पहले भी दर्शन लाल बवेजा की ओर से उनके, उनके दिव्यांग पुत्र गुलशन लाल और उसकी पत्नी सिम्मी बवेजा के खिलाफ कथित रूप से झूठा मामला दर्ज कराया था। उस मामले में मेरे बेटे गुलशन लाल को 38 दिन जेल में रहना पड़ा। बाद में हाईकोर्ट ने मामला रद्द कर दिया। इस मामले से परेशान होकर सिम्मी बवेजा की असमय मृत्यु हो गई। मेरे छोटे बेटे शेर सिंह के साथ भी अन्याय हुआ। वर्ष 1986 में शिवपुरी, लुधियाना में मेरे, शेर सिंह और दर्शन लाल बवेजा की साझेदारी से बवेजा फ्लोर मिल स्थापित की गई थी। लड्डू ने प्रॉपर्टी हड़पने को परिवार पर दबाव डाला। जिस कारण शेर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई।
वन विभाग की 50 करोड़ की जमीन हड़प ली
बलवंत अरोड़ा का आरोप है कि दर्शन लाल बवेजा, अरुण बवेजा तथा डी.एम. डेवलपर्स के अन्य साझेदारों के खिलाफ लुधियाना की अदालतों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में लगभग 120 सिविल, आपराधिक, रिट और रिवीजन याचिकाएं लंबित हैं। दर्शन बवेजा ने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वन विभाग की लगभग 15 कनाल भूमि, जिसकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है, पर अवैध कब्जा कर रखा है। सुप्रीम कोर्ट में केस हारने के बावजूद आज तक वह भूमि सरकार को नहीं सौंपी।
लड्डू ने जवाब देने से किया इंकार
इस दौरान दर्शन लाल बवेजा लड्डू से बातचीत की कोशिश की गई। लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई भी बयान देने से साफ इंकार कर दिया। हालांकि उनके करीबियों ने कहा कि वे जल्द इस मामले का खुलासा करेगें।
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Yashpal Sharma (Editor)