नई दिल्ली। व्हाट्सएप लंबे समय बाद एक बड़ा फीचर लाने वाला था, लेकिन उसके आने से पहले ही विवाद छिड़ गया है। दरअसल व्हाट्सएप के यूजरनेम फीचर पर पूरी तरह से आने से पहले ही रोक लग सकती है। व्हाट्सएप इस फीचर को साल के आखिर तक लाने वाला था और फिलहाल उसने यूजर्स के लिए अपना यूजरनेम रिजर्व करने का फीचर रोल आउट किया था। हालांकि, सरकार को इस फीचर के कारण धोखाधड़ी और दूसरों के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाने की चिंता सता रही है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या इस फीचर को बैन कर देना चाहिए? इस संबंध में सरकार ने कंपनी से तीन दिन में जवाब देने को कहा है। इस संंबंध में हमारी बात एक्रोनिस (Acronis) के जीएम राजेश छाबरा से हुई, जिन्होंने इस फीचर को यूजर के नंबर की प्राइवेसी के लिए बेहतर तो बताया लेकिन साथ ही जरूरी सुरक्षा इंतजाम करने की बात पर जोर भी दिया। बता दें कि एक्रोनिस एक ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्रोटेक्शन कंपनी है, जो बिजनेसेज और आम यूजर्स को साइबर हमलों से बचाने के साथ-साथ उनके महत्वपूर्ण डेटा का बैकअप और रिकवरी करने का काम करती है। सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने वॉट्सऐप की पेरेंट कंपनी को नोटिस भेजकर कहा है कि कंपनी इस फीचर को फिलहाल भारत में रोल आउट न करे। सरकार ने कंपनी से तीन दिन के अंदर इस फीचर की पूरी जानकारी भी मांगी है।
क्या बैन होना चाहिए व्हाट्सएप का Username फीचर?
दरअसल व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर को यूजर्स के फोन नंबर की प्राइवेसीबढ़ाने के लिए लाने वाला है, ताकि लोग बिना नंबर शेयर किए व्हाट्सएप पर किसी से चैट कर सकें। इस फीचर को लेकर राजेश छाबरा ने बताया, “यूजरनेम जैसे फीचर्स को इस आधार पर परखा जाना चाहिए कि उन्हें सुरक्षा के लिहाज से कितने बेहतर तरीके से लागू किया गया है, न कि सिर्फ इस आधार पर कि वह फीचर क्या काम करता है।” उन्होंने बताया, “यूजर्स को अपना फोन नंबर शेयर किए बिना दूसरों से जुड़ने की अनुमति देना, उनकी पर्सनल कॉन्टैक्ट डिटेल्स के जोखिम को कम करता है लेकिन वह नकली पहचान बनाने, किसी बड़े ब्रांड के नाम का गलत इस्तेमाल करने और सोशल इंजीनियरिंग के खतरे को भी बढ़ा देता है।”
एक्सपर्ट ने बताया बीच का रास्ता
इस सवाल पर कि क्या व्हाट्सएप के Username फीचर पर रोक लगनी चाहिए? राजेश छाबरा ने बताया, “प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट्स के वेरिफिकेशन का सिस्टम मजबूत होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि इस फीचर के साथ आगे बढ़ने के लिए अगर नकली या धोखा देने वाले अकाउंट्स की पहचान करने, शिकायत करने और फेक अकाउंट्स को तुरंत हटाने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा किसी भी गलत गतिविधि पर कानूनी दायरे में रहकर उसकी ठीक से जांच कर पाने की क्षमता होना बेहद जरूरी है।
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Yashpal Sharma (Editor)