पंजाब। फरीदकोट के बहबलकलां गोलीकांड मामले में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम के समक्ष श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने वीरवार को अपना बयान दर्ज करवाया है, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। ज्ञानी रघुबीर सिंह ने दावा किया कि श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेशी के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने बहिबल गोलीकांड से संबंधित अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की थी। उन्होंने कहा कि यह कबूलनामा श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष सार्वजनिक रूप से हुआ था और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी, जो वर्तमान में अकाल तख्त के रिकॉर्ड में सुरक्षित मौजूद है। जत्थेदार ने अपने बयान में कहा कि बहबल कलां में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे निहत्थे और बेगुनाह लोगों पर साजिश के तहत गोलियां चलवाई गई थीं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई थी और इस मामले में सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अब ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा दिए गए बयान और श्री अकाल तख्त में मौजूद वीडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती है। यदि जांच में इन दावों की पुष्टि होती है तो सुखबीर सिंह बादल के लिए कानूनी और राजनीतिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
14 अक्टूबर 2015 को बेअदबी के विरोध में हुई थी गोलीबारी
गौरतलब है कि 14 अक्टूबर 2015 में बहबल कलां में बेअदबी घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा गोलीबारी की गई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। यह मामला लंबे समय से पंजाब की राजनीति और धार्मिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है जिसमें एसआईटी ने पुलिस अधिकारियों को चार्जशीट किया हुआ है और इस केस की सुनवाई इन दिनों चंडीगढ़ जिला अदालत में चल रही है और एसआईटी की जांच जारी है।
झूठ बोल रहे रघबीर सिंह: सुखबीर
इस मामले में सुखबीर सिंह बादल ने पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह पर झूठ बोलने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार और श्री दरबार साहिब के पूर्व हेड ग्रंथी रहे ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा को भंग किया जा रहा है। इन दिनों वह आम आदमी पार्टी के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होते हुए उन्होंने अपनी सरकार के समय हुई गलतियों की नैतिक जिम्मेदारी बतौर पार्टी प्रधान अपनी झोली में डाली थी। यदि सरकार की मंशा ज्ञानी रघबीर सिंह के बयान दर्ज कर उन्हें इस केस में नामजद करने की है, तो वह ऐसी धमकियों से नहीं डरते।उन्होंने कहा कि उनका बयान पेशी के समय ही सामूहिक संगत के समक्ष सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका था।
हमारा पहला उदेश्य आप तक सबसे पहले और सही खबर पहुंचाना। हमारे आसपास क्या हो रहा है, इसके बारे में आपकी नॉलेज को दुरुस्त करना। वहीं समाज की बुराईयों व गलत गतिविधियों संबंधी आगाह करना भी हमारे लक्ष्य में हैं।
Yashpal Sharma (Editor)