लुधियाना। लुधियाना से कांग्रेसी पार्षद दीपिका सनी भल्ला के साथ एक व्यक्ति ने अपने ससुर के साथ मिलकर 14 लाख रुपए की ठगी मार ली। थाना हैबोवाल की पुलिस ने दीपिक सनी भल्ला की शिकायत पर बिहार मधुबनी के रहने वाले प्रतोष कुमार झा और संजय झा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दीपिका भल्ला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे एलपीएस अप्रूवल रेडीमेड गारमेंट्स कंपनी की मालिक हैं। वह कांग्रेस नेता व पूर्व पार्षद गगनदीप सिंह उर्फ सन्नी भल्ला की पत्नी हैं। दीपिका भल्ला ने अपनी कंपनी के कामकाज, जैसे माल तैयार करवाना, सेल्समैन की व्यवस्था करना और बिक्री की निगरानी के लिए सुभाष कुमार मिश्रा को अगस्त 2025 में बतौर मैनेजर नियुक्त किया था। कंपनी की पूरी मैनेजमेंट सुभाष कुमार मिश्रा के हाथ में थी। कपड़ा कारोबारियों और सेल्समैनों के संवाद के लिए बने लेबर ग्रुप नामक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए मुख्य आरोपी प्रतोष कुमार झा उर्फ मनीष संपर्क में आया। उसने ग्रुप में खुद को नामी सेल्समैन बताते हुए मैनेजर सुभाष कुमार से मिलने की इच्छा जताई। प्रतोष कुमार मूल रूप से मधुबनी (बिहार) का रहने वाला है और उसने खुद को मंडावली फाजलपुर, दिल्ली का निवासी बताया था।
ससुर 35 साल से लुधियाना में हैं
दीपिका भल्ला अनुसार सुभाष कुमार के बुलावे पर प्रतोष लुधियाना स्थित फैक्टरी पहुंचा। उसने दावा किया कि वह पिछले 7-8 वर्षों से दिल्ली में गारमेंट्स सेल्स का काम देख रहा है। विश्वास कायम करने के लिए उसने बताया कि उसका ससुर संजय झा पिछले 35 वर्षों से ढंडारी कलां में रह रहा है। ढोलेवाल की एक प्रतिष्ठित एक्सपोर्ट कंपनी में काम करता है। उसने मैनेजर को अपने ससुर के घर जाकर तसल्ली करने की बात भी कही। दीपिका भल्ला ने अपने मैनेजर सुभाष को आरोपी के किराए के मकान और उसके ससुर संजय झा के निवास पर भेजा, ताकि यह पता चल सके कि जिसे वे माल दे रहे हैं वह सही है या नहीं। मैनेजर जब उनके घर पहुंचा तो वहां पहले से तैयार माल रखा था और आरोपी के सभी दस्तावेज सही थे। इसके बाद उन्हें उस पर पूरा विश्वास हो गया और दीपिका भल्ला ने प्रतोष को अपनी कंपनी का माल बेचने की सहमति दे दी।
पहली डील में 4 लाख का माल दिया
दीपिका भल्ला ने बताया कि अक्टूबर 2025 में प्रतोष के साथ पहली डील तय हुई। कंपनी की तरफ से 4 लाख का तैयार माल प्रयागराज, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और नागपुर भेजा गया। शर्त के मुताबिक माल पहुंचने पर आरोपी ने 75,000 रुपए कंपनी के करंट अकाउंट में जमा करवाए। इसके बाद उसने नागपुर भेजे गए पार्सल को यह कहकर वापस मंगवा लिया कि वहां का व्यापारी सही नहीं है, जिससे कंपनी का उस पर भरोसा और गहरा हो गया। दीपिका भल्ला ने बताया कि पहली डील में उसने ऐसी बातें कीं कि उन्हें उस पर पूरा भरोसा हो गया था। पहला भुगतान अधूरा होने के बावजूद, आरोपी ने बाजार में भारी मांग का बहाना बनाकर ₹12 लाख का नया माल बुक करवा लिया। दीपिका भल्ला ने विश्वास में आकर नवंबर-दिसंबर 2025 के दौरान दिल्ली, बिहार और प्रयागराज में ₹12 लाख के रेडीमेड गारमेंट्स भिजवा दिए।
पेमेंट के लिए बहानेबाजी शुरू, फोन बंद
दीपिका भल्ला ने शिकायत में कहा है कि माल प्राप्त होने के बाद जब रकम मांगी गई, तो आरोपी ने टाल-मटोल शुरू कर दिया। कभी उसने किसी तीसरे व्यक्ति से बात करवाकर कुछ दिन का समय मांगा, तो कभी बैंक ऑफ इंडिया में 1.60 लाख का चेक लगाने का झूठा दावा किया। अंततः उसने RTGS का बहाना बनाया और फिर अपना फोन पूरी तरह स्विच ऑफ कर लिया। दीपिका भल्ला ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनका मैनेजर सुभाष आरोपी के ससुर संजय झा के घर ढंडारी कलां पहुंचा। ससुर ने दामाद की तरफ से पूरी रकम का भुगतान कराने का झूठा आश्वासन दिया और फोन पर प्रतोष से बात भी करवाई, जहां आरोपी ने जल्द पैसे देने का वादा किया, लेकिन हकीकत में कोई भुगतान नहीं हुआ।
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Yashpal Sharma (Editor)