लुधियाना। लुधियाना में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) प्रणाली के विरोध में जिला कचहरी के वकीलों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। लंबे समय से जारी हड़ताल और भूख हड़ताल के बीच मंगलवार को बड़ी संख्या में वकीलों ने रोष मार्च निकाला। वकील मार्च करते हुए डिप्टी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार और एलएडीसी प्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे वकीलों ने डीसी दफ्तर के बाहर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि लिखित आश्वासन के बिना हड़ताल खत्म नहीं होगी। प्रदर्शनकारी वकीलों के प्रतिनिधि ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्ष 1987 से लागू लीगल एड नीति के तहत 100 से 125 वकील पैनल में शामिल होकर जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराते थे। उनका आरोप है कि नई एलएडीसी नीति के तहत सरकार ने इस संख्या को घटाकर केवल 8 से 10 वकीलों तक सीमित कर दिया है। वकीलों ने आरोप लगाया कि एलएडीसी के तहत नियुक्त वकील सीधे तौर पर न्यायपालिका और सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे मुकदमों में निष्पक्ष सुनवाई और जिरह (क्रॉस-एग्जामिनेशन) की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। वकीलों ने दावा किया कि इस व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में मामलों में आरोपितों को नुकसान उठाना पड़ रहा है और सजा की दर बढ़ रही है।
युवा वकीलों का भविष्य अधर में
वकीलों ने कहा कि इस नीति के लागू होने से कचहरी में नए आने वाले युवा वकीलों की प्रैक्टिस प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि इससे युवा अधिवक्ताओं को सीखने और अनुभव हासिल करने के अवसर भी कम हो रहे हैं। वकीलों ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्तर पर बातचीत जारी है और कुछ मांगों पर सहमति भी बनी है। हालांकि, उनका कहना है कि जब तक सरकार या संबंधित विभाग की ओर से लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक उनकी हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
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Yashpal Sharma (Editor)