पंजाब। पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी के कारण भाखड़ा डैम के पीछे बनी गोबिंद सागर झील में जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते डैम के पानी का स्तर 1573.56 फीट तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा आज सुबह 6 बजे दर्ज किया गया। इस मौसम में बिजली और पानी की मांग में भारी उछाल आया है। पिछले कई दिनों से सतलुज नदी में पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाई गई है और आज भी 8,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पंजाब में धान का सीजन शुरू होने के कारण किसानों को नहरों के जरिए पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बीबीएमबी (BBMB) प्रशासन ने भाखड़ा डैम के सभी टरबाइन चला दिए हैं। इससे बिजली उत्पादन में वृद्धि हुई है और राज्यों की सिंचाई व पेयजल की जरूरतें पूरी हो रही हैं।
टरबाइनों से कुल निकासी 29,106 क्यूसेक
आंकड़ों के अनुसार, झील में पानी की आवक 17,256 क्यूसेक दर्ज की गई है। टरबाइनों से कुल निकासी 29,106 क्यूसेक है। इसमें श्री आनंदपुर साहिब हाइडल चैनल में 10,150 क्यूसेक और नंगल हाइडल चैनल में 12,350 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सतलुज नदी में नंगल डैम से 8,000 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा है।
आने वाले दिनों में और पानी छोड़ने के आसार
बीबीएमबी और नागरिक प्रशासन ने सतलुज किनारे बसे गांवों के लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने लोगों से नदी के पास न जाने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित व ऊंचे स्थानों पर रहने की अपील की है। पहाड़ों में बर्फ पिघलने की रफ्तार बढ़ने पर आने वाले दिनों में और पानी छोड़ा जा सकता है।
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Yashpal Sharma (Editor)