यशपाल शर्मा, लुधियाना
जहां नगर निगम की ओर से आम पब्लिक को हिदायत की जाती है कि वह नक्शा पास करवा कर ही बिल्डिंग निर्माण करें लेकिन इसके बावजूद शहर में इलीगल निर्माण धड़ल्ले से जारी है। ऐसा ही मामला सिविल लाइंस इस्कॉन मंदिर से मनीराम बलवंत राय स्टोर को जाती सड़क पर सामने आया है। जहां पर नियमों को ताक पर रख तीन मंजिला बिल्डिंग खड़ी की जा रही है और इसमें बिल्डिंग बायलॉज की पूरी तरह धज्जियां उड़ा दी गई है। इस बिल्डिंग का नक्शा केवल डेढ़ मंजिल का पास है, लेकिन बिल्डिंग इंस्पेक्टर के साथ सेटिंग कर इस पर तीसरी मंजिल का लेंटर डालने की तैयारी कर ली गई है।
इससे पहले भी सिविल लाइंस केवीएम स्कूल के पीछे श्मशान घाट रोड पर भी दो इलीगल बिल्डिंग निर्माण का मामला सामने आया था। जिसमें एक बिल्डिंग को नगर निगम बिल्डिंग ब्रांच में दो बार सील कर चुकी है तो वही एक अन्य बिल्डिंग जो की पूरी तरह से कमर्शियल बनाई गई है। उस बिल्डिंग पर भी नया लेटर डाल दिया गया है। असल में नगर निगम में बिल्डिंग इंस्पेक्टर की सहमति बिना कोई भी अवैध निर्माण पूरा नहीं होता और यही बिल्डिंग इंस्पेक्टर अगर सरकार के खजाने के बारे में सोच ले तो कोई भी बिल्डिंग निर्माण बिना नक्शा पास करवा आरंभ नहीं हो सकता।
चर्चा में बिल्डिंग इंस्पेक्टर सूरत सिंह
आपको बता दे की भी की नगर निगम डी जोन का बड़ा हिस्सा ड्राफ्टमैन सूरत सिंह जिसे बिल्डिंग इंस्पेक्टर का सीडीसी चार्ज मिल रखा है। सूरत सिंह इलीगल बिल्डिंग को सील करने और सील खोलने में बेहद माहिर बताए जाते हैं। भले ही बिल्डिंग को एटीपी की सहमति के साथ सील किया जाता है लेकिन इसके बाद इन बिल्डिंगों को बिना नगर निगम कमिश्नर की इजाजत बिना खोल दिया जाता है। ऐसा ही मामला सूरत सिंह को लेकर बड़ी हैबोवाल में कई जगह पेश आया है। जहां पर उन की ओर से कई इलीगल बिल्डिंगों की सील बिना निगम कमिश्नर मंजूरी के खोल दी गई, हालांकि अभी तक उनका यह मामला पूरी तरह से शांत नहीं हुआ और अब उनके कार्यकाल में इलीगल बिल्डिंगों के मामले लगातार बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
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Yashpal Sharma (Editor)