यशपाल शर्मा, लुधियाना। लुधियाना नगर निगम में भ्रष्टाचार का बोलबाला जहां पहले से शिखर पर है। हालात यह है की अब निगम की बीएंडआर ब्रांच की और से करोड़ों के टेंडर लाने की तैयारी की गई है और ये टेंडर उनके चहेते कॉन्ट्रैक्टर्स को मिले इसके लिए एक अजीब शर्त इन टेंडर की NIT में डाल दी गई है। जिसके जरिए इन टेंडर में पूल और कमीशन का बड़ा खेल अभी से चर्चा में आ गया है। दरअसल, अलग अलग हल्के में सड़कें बनाने को 100 करोड़ के विकास कार्यो के लिए टेंडर लगा दिए गए है। बड़ी प्लानिंग के तहत बीएंडआर ब्रांच के अफसरों की और से इन टेंडरों को अलग अलग लगाने की जगह वार्ड वाइस जोड़कर इक्ट्ठा टेंडर लगा दिया गया है। इसमें कई तरह की शर्तें रखी गई है। जिसके चलते लोकल प्लेयर्स को आउट करने के प्रयास किए जा रहे है। एक अहम शर्त के तहत करीब सो करोड़ी टेंडर को तीन महीने में पूरा करना है। जिसके चलते कोई भी ठेकेदार इतने कम समय में इस काम को पूरा नहीं कर सकता। चर्चा है की इसके इलावा भी कई शर्ते ऐसी रखी गई है, जिसमें लुधियाना के इका दुक्का ठेकेदार ही इन शर्तों को पूरा कर पाएंगे। जिसके चलते कयास लगाए जा रहे है कि दिल्ली के किसी बड़े प्लेयर्स को इसमें इन्वॉल्व किया जा सकता है। हो सकता है की सरकार द्वारा अपने किसी चहेते ठेकेदार को इसमें शामिल किया जाए।
दो करोड़ के टेंडर को लगते एक डेढ़ साल, 13 करोड़ का काम तीन महीने में खत्म करना
हैरानी की बात तो यह है की नगर निगम द्वारा अगर दो करोड़ का टेंडर में पहले 6 महीने से एक साल तक का समय दिया जाता रहा है, लेकिन अब निगम की और से 6 से 13 करोड़ के अलग अलग 17 टेंडर में वर्क पूरा करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। ऐसे में चर्चा है कि आखिर इतना बड़े वर्क को कैसे इतने कम समय में कैसे खत्म होगा, जिसमें लुक की सड़क बनाने से पहले इसमें रोड जाली भी बना कर देनी है। ऐसे में या तो क्वालिटी में समझौता करना होगा या फिर ख़ानापूर्ति के लिए यह टेंडर लगाये जा रहे है।
ठेकेदारों ने की मीटिंग
वही इस टेंडर को लेकर लुधियाना के ठेकेदारों की और से एक स्थानीय क्लब में मीटिंग की गई है। जिसमे ठेकेदारों की और से निगम के इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है की जानबूझकर इस टेंडर में ऐसी शर्तें रखी है कि इक्का दुक्का लोग ही इन टेंडर को डालने के दायरे में आ सकते है। उन्होंने कहा की किसी भी कीमत पर यह टेंडर तीन महीने के समय में पूरा हो ही नहीं सकता।
अफसरों की मिलीभगत की चर्चा
वही चर्चा है की निगम के उच्च अफसरों से लेकर निचले स्तर के अफसरों की और किसी के इशारे से यह टेंडर मिलकर तैयार किया गया है। प्लानिंग के तहत कई गलियों व सड़कों को जोड़ एक बड़ा टेंडर निकाल दिया गया है। लेकिन किसी एक ठेकेदार को फायदा पहुँचाने के लिए यह पूरा खेल रचा गया है। वही अभी सर्दी के कारण हॉट मिक्स प्लांट बंद पड़े है। वही मार्च में वह शुरू होंगे।। फिर आख़िर अब निगम ने इन प्रोजेक्ट को तीन महीने में पूरा करने की बात कही है तो वह कैसे कर सकेंगे।
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Yashpal Sharma (Editor)