डेस्क, लुधियाना
गुरु नानक पब्लिक स्कूल, सराभा नगर की मैनेजमेंट कमेटी के प्रेसिडेंट और बिजनेसमैन सुरिंदर सिंह रायत को जमीन धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ़्तार किया। उसे अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। पुलिस ने उसके भाई जसबीर सिंह रियात के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया है, जो एक उद्योगपति भी है। परिवार एक शैक्षिक ट्रस्ट चलाता है। बाबा नंद सिंह नगर निवासी चमकौर सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि 2011 में किया गया जमीन समझौता लंबे विवाद का आधार बन गया है। भाई रणधीर सिंह नगर के जसबीर सिंह रयात ने गुरु नानक पब्लिक स्कूल, अयाली कलां ट्रस्ट के प्रबंधन से उन्हें 7.5 एकड़ स्कूल की ज़मीन बेची गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने पैसे का भुगतान किया और तीन संपत्तियों को स्थानांतरित कर दिया । जिसके तहत डेहलो में एक एकड़, जसपाल बांगड़ में 6,500 वर्ग गज की संपत्ति और देत्तवाल में 1,240 वर्ग गज का प्लॉट व जमीन शामिल है। सिंह ने कहा कि सभी संपत्तियों को प्राप्त करने के बाद, रयात और उसके सहयोगी उन्हें वादा किए गए 7.5 एकड़ में स्थानांतरित करने में विफल रहे, जिससे उन्हें मार्च 2022 में आईपीसी की धारा 420 और 120-बी के तहत FIR करने के लिए मजबूर होना पड़ा। बाद में स्थानीय मध्यस्थों द्वारा मध्यस्थता किए गए एक समझौते के बाद अगस्त 2022 में एफआईआर वापस ले ली गई, जिसके तहत सभी संपत्तियों को सिंह को वापस करना था। उन्होंने इस समझौते के आधार पर अदालत के समक्ष एक शपथ पत्र प्रस्तुत किया, जिससे FIR रद्द कर दी गई। हालांकि, सिंह ने आरोप लगाया कि जसबीर सिंह रयात, उनके भाई सुरिंदर सिंह रयात और अन्य सहित कई लोग समझौते की शर्तों का सम्मान करने में विफल रहे। उन्होंने आगे दावा किया कि 1.88 करोड़ रुपये की प्राप्ति को स्वीकार करने के बावजूद उन्होंने धन या भूमि वापस नहीं की। उन्होंने उन पर दूसरी बार अपने विश्वास का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। FIR के अनुसार, मामले की बाद में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ज़ोन 3) द्वारा जांच की गई, जिन्होंने पुष्टि की कि 7.5 एकड़ के मूल समझौता वास्तव में निष्पादित किया गया था और शिकायतकर्ता ने पहले ही सौदे के हिस्से के रूप में पर्याप्त संपत्ति होल्डिंग्स स्थानांतरित कर दी थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि रयात ने आवश्यक भूमि का हस्तांतरण नहीं किया और हालांकि समझौता हो गया था, लेकिन आरोपी अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रहे। साराभा नगर पुलिस स्टेशन के एसएचओ आदित्य शर्मा ने गिरफ़्तारी की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इससे पहले जसबीर सिंह रायत के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 420 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के बाद पुलिस ने सुरेंद्र सिंह रायत के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर उसे गिरफ़्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए तलाश जारी है।
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Yashpal Sharma (Editor)