नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का 11वां दिन हैं। इस बीच ईरान ने कहा है कि वह एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने देगा। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने को लेकर एक नई शर्त रखी है। इजराइली मीडिया वाइनेट की रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की सेना इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि कुछ देशों के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने दिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए उन देशों को पहले इजराइल और अमेरिका के राजदूतों को अपने देश से निकालना होगा। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है। हर साल दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। हालांकि अमेरिकी चैनल CNN ने कहा है कि ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों पर सिक्योरिटी टैक्स यानी सुरक्षा शुल्क लगाने की योजना बना रहा है, खासकर उन जहाजों पर जो अमेरिका के सहयोगी देशों के हैं।
तुर्किये ने पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात किया
तुर्किये ने देश में पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात करने का फैसला किया है। तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश की सीमाओं और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए नाटो और अन्य सहयोगी देशों के साथ भी लगातार बातचीत हो रही है। यह डिफेंस सिस्टम विमान, क्रूज मिसाइल, टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन और कुछ हद तक हाइपरसोनिक थ्रेट्स को रोकने के लिए डिजाइन की गई है। मंत्रालय के अनुसार इन सुरक्षा उपायों के तहत तुर्किये के मालात्या शहर में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात की जा रही है, ताकि हवाई क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत की जा सके। मालात्या शहर में क्यूरेजिक एयरबेस स्थित है, जो तुर्किये का एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। यहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और नाटो का एक प्रारंभिक चेतावनी रडार सिस्टम भी मौजूद है, जो ईरान से दागी जाने वाली मिसाइलों का पता लगाने में सक्षम है।
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Yashpal Sharma (Editor)