पंजाब। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर BJP में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को राहत मिली है। हाईकोर्ट ने सोमवार तक एक्शन पर रोक लगा दी। इसमें पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें डिटेल एफिडेविट दाखिल करने को कहा है। राज्य सरकार के वकील ने कहा कि अभी उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है कि एफआईआर दर्ज हुई या नहीं। सोमवार को इस बारे में जानकारी देंगे। दरअसल, पाठक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पंजाब सरकार द्वारा उनके खिलाफ दर्ज केस की कॉपी मांगी थी। पाठक की याचिका पर हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। पाठक ने कहा था कि उन्हें यह बताया जाए कि दो केस कहां रजिस्टर किए और उनमें कौन सी धाराएं लगाई गईं। इसके साथ हाईकोर्ट ने ट्राइडेंट ग्रुप पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। AAP से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता ट्राइडेंट ग्रुप के मालिक हैं। कोर्ट ने कहा है कि ट्राइटेंड ग्रुप पर 30 दिन का समय देकर ही कार्रवाई की जा सकेगी। राजिंदर गुप्ता की ट्राइडेंट ग्रुप की बरनाला स्थित फैक्ट्री पर 7 दिन पहले पीपीसीबी ने रेड की थी, जिसके खिलाफ उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। राजिंदर गुप्ता की सिक्योरिटी हटाने को लेकर अभी कोर्ट ने कोई फैसला नहीं दिया है।
FIR कहां दर्ज हुई, इसकी जानकारी मांगी
संदीप पाठक ने याचिका में लिखा है कि पिछले कुछ दिनों मीडिया में अचानक खबरें आई कि पंजाब सरकार ने उनके खिलाफ दो FIR गैरजमानती धाराओं में दर्ज की हैं। उन्हें पंजाब सरकार व पुलिस ने अभी तक नहीं बताया कि एफआईआर कहां और किन धाराओं में दर्ज हुई हैं। दो दिन बाद संदीप पाठक सामने आए और उन्होंने कहा कि उन्हें पता ही नहीं है कि उनके खिलाफ कहां पर पर्चा दर्ज हुआ है। पाठक ने कहा था कि उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया है, जिसकी वजह से उनके खिलाफ एफआईआर हो। संदीप पाठक दिल्ली स्थित अपने घर में थे और जब उन्हें यह सूचना मिली तो वो घर के पिछले दरवाजे से निकल गए थे, ताकि पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार न कर सके।
हमारा पहला उदेश्य आप तक सबसे पहले और सही खबर पहुंचाना। हमारे आसपास क्या हो रहा है, इसके बारे में आपकी नॉलेज को दुरुस्त करना। वहीं समाज की बुराईयों व गलत गतिविधियों संबंधी आगाह करना भी हमारे लक्ष्य में हैं।
Yashpal Sharma (Editor)