न्यू दिल्ली। पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए। ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस चुनाव में न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर गड़बड़ियां हुईं, बल्कि काउंटिंग के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। टीएमसी ने चुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए 10 सदस्यीय टीम बनाई है। पार्टी हार के कारणों और कथित अनियमितताओं की जांच करेगी। जब मीडिया ने उनसे लोकभवन जाकर इस्तीफा देने के बारे में सवाल किया तो ममता भड़क गईं। उन्होंने कहा, ''मैं क्यों जाऊंगी? हम तो हारे नहीं हैं, जो जाएंगे। अगर मैं जीत गई होती तो शपथ से पहले इस्तीफा देने जाती। लोकभवन जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। चोरी करके जीतने से उन्हें अगर लगता है कि मुझे इस्तीफा देना होगा तो ऐसा नहीं होगा।''
हार के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर लगाए 5 बड़े आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया 'आयोग इस चुनाव में लोगों के संवैधानिक अधिकारों को लूटने और ईवीएम को लूटने के वाला खलनायक बन गया। क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद ईवीएम में 80-90% चार्ज है? यह कैसे हो सकता है?'
उन्होंने आरोप लगाया 'चुनाव से दो दिन पहले, उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी करना शुरू कर दिया। उन्होंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदल दिया।'
'उन्होंने अपनी पार्टी से लोगों को चुना और भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है। हमने पूरी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी।' इसमें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल हैं और सीधा दखल दे रहे हैं।
उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी, बल्कि उन्हें हराने के लिए साजिश रची गई।
ममता ने कहा 'मैंने अपने जीवन में ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा। मैं 2004 में अकेली थी, लेकिन ऐसा कभी नहीं देखा। 'अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए मैं एक आम आदमी हूं। इसलिए, आप मुझसे यह नहीं कह सकते कि मैं अपनी कुर्सी का इस्तेमाल कर रही हूं। मैं अब एक आजाद पंछी हूं।'
काउंटिंग के दौरान मारपीट का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि काउंटिंग सेंटर के अंदर उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। उन्होंने कहा 'हमें सोमवार को काउंटिंग रूम में नहीं जाने दिया गया। उन्होंने हमारे लोगों और काउंटिंग एजेंट्स को मारना शुरू कर दिया। 200 सीआरपीएफ और बाहर के गुंडों ने मारपीट की। जब मैं वहां पहुंचीं तो मेरी गाड़ी रोकी गई। DEO रणधीर ने पहले ही बता दिया था कि काउंटिंग में खेल होगा। उन्होंने हमारे एजेंट्स को काउंटिंग रूम के अंदर नहीं जाने दिया। मैं कुछ देर बाहर खड़ी रही। उन्होंने मेरे पेट और पीठ पर लात मारी। मुझे धक्का देकर निकाला।'
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Yashpal Sharma (Editor)