लुधियाना। लुधियाना के पक्खोवाल रोड स्थित एसबीएस नगर में एक व्यक्ति ने अपने दादा की जाली वसीयत बना करोड़ों की जमीन हड़पने की कोशिश की। इस मामले में विजिलेंस रिपोर्ट, एसडीएम-पुलिस अफसरों की जांच, एफएसएल लैब रिपोर्ट के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। थाना सराभा नगर की पुलिस ने विशाल नगर के जसविंदर सिंह वड़ैच की शिकायत पर गांव सुनेत के रहने वाले सोहन सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है। शिकायतकर्ता फाइनेंसर है और उसने बताया कि उसने एसबीएस नगर स्थित जमीन को 1991 में खरीदा था। जहां पर उनकी 35 साल से रिहायश है। आरोपी द्वारा लैंड माफिया गिरोह के साथ मिलकर उक्त जमीन संबंधी अपने दादा दियाल सिंह की जाली वसीयत पेश करके जमीन उसके हिस्से में आने का दावा कर हड़पने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी सोहन सिंह के दादा दियाल सिंह की साल 1985 में 15 कनाल जमीन गांव सुनेत को लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने एक्वायर किया था। जिसके बदले ट्रस्ट ने दियाल सिंह को एक प्लॉट अलॉट करना था। यह केस एलडीपी स्कीम के अधीन था। दियाल सिंह ने उक्त रजिस्ट्री का इकरारनामा 60 हजार रुपए लेकर साउथ मॉडल ग्राइम के सुखजिंदर सिंह और गांव सुनेत के गुरमेल सिंह के नाम पर किया। फिर उन्होंने 1991 में इकरारनामा शिकायतकर्ता की पत्नी कमलजीत कौर के नाम पर कर दिया।
13 साल संघर्ष के बाद मिला इंसाफ
शिकायतकर्ता ने 1991 में ट्रस्ट से विशाल नगर में प्लॉट अलॉट कराया और 2.62 लाख रुपए बनती रकम जमा करवा दी। नियमों के मुताबिक पहली रजिस्ट्री फस्ट पार्टी के नाम पर होने के चलते दियाल सिंह के नाम पर हुई। जिसके बाद 2013 में कमलजीत कौर के नाम रजिस्ट्री ट्रांसफर हुई। जिसके बाद आरोपी द्वारा उसकी जमीन को लेकर अपने दादा दियाल सिंह की जाली वसीयत बनाई कि उक्त जमीन उसके हिस्से में दी है। लेकिन जांच में वसीयत झूठी पाई गई। 13 साल संघर्ष करने के बाद उन्हें इंसाफ मिला।
Attempt-To-Grab-Land-By-Forging-Will-Case-Registered-After-13-Years-Of-Struggle
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Yashpal Sharma (Editor)