यशपाल शर्मा, लुधियाना
नगर निगम जोन डी में सरकारी खजाने को चूना लगाने के लिए रिहायशी नक्शा पास करवा कार्मशियल बिल्डिंग निर्माण का मामला धड़ल्ले से चल रहा है। नगर निगम बिल्डिंग ब्रांच के इंस्पेक्टरों के ऐसे मामलों में जहां दबाव बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर रिहायशी नक्शे के आड़ में तेजी से कार्मशियल बिल्डिंगें खड़ी की जा रही है। ऐसे ही दो बिल्डिंग निगम जोन डी के दायरे में बन रही है। जिसमें एक बिल्डिंग पिछले करीब चार महीनों से हैबोवाल चूहड़पुर रोड पर रिहायशी बिल्डिंग के नाम पर बनाई जा रही है और वहीं दूसरी बिल्डिंग केवीएम स्कूल के ठीक पीछे सिविल लाइंस श्मशान घाट के नजदीक बनाई जा रही है। बिल्डिंग ब्रांच की ओर से इस बिल्डिंग को सील भी किया गया था, लेकिन रिहायशी बिल्डिंग बनाए जाने के नाम पर ये सील खुलवा ली गई। जबकि मौके पर इस बिल्डिंग को होटल में तबदील करने की धड़ल्ले से अंदरखाते तैयारी की जा रही है। आपको बता दें नगर निगम कमिश्नर डाक्टर नीरू कत्याल गुप्ता की ओर से बिल्डिंग ब्रांच पर शिकंजा कसने व रिकवरी बढ़ाने को बिल्डिंग ब्रांच में बड़ा फेरबदल किया गया है। जिसके तहत ही चारों जोन में स्थाई एटीपी को चार्ज दिया गया है। ऐसे में नए एटीपी व बिल्डिंग इंस्पेक्टर्स को इस तरह के खेल पर एक्शन लेकर इल्लीगल निर्माण पर कार्रवाई करनी बनती है।
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रिहायशी निर्माण के चक्कर में खड़ी कर दी जाती हैं तीन चार मंजिला कार्मशियल बिल्डिंग
बात करें लुधियाना नगर निगम में बिल्डिंग ब्रांच व बिल्डिंग मालिक में होने वाली सेटिंग के तहत ही मेन सड़क पर रिहायशी बिल्डिंग का साइट प्लान पास करवा कर तीन से चार मंजिला कार्मशियल बिल्डिंग खड़ी कर दी जाती है। हालांकि बिल्डिंग इंस्पेक्टर व एटीपी स्तर के अधिकारियों को इसकी पूरी जानकारी रहती है, क्यों कि ऐसे निर्माणों में कोई डीपीसी नहीं डाली जाती और बिम के जरिए सीधे हॉल ही बनाए डाले जाते हैं। ये निर्माण अंदरखाते किया जा सके, इसके लिए इन निर्माणधीन बिल्डिंगों के आगे हर रंग कपड़ा डाल दिया जाता है। ऐसा ही इन दोनों बिल्डिंगों में भी सामने आया है। बड़ी बात है कि किसी तरह बिल्डिंग बनकर तैयार हो जाए, इसके लिए रिहायशी कंस्ट्रक्शन किए जाने की अंडरटेकिंग तक नगर निगम अफसरों को देकर निर्माण की हरी झंड़ी ले ली जाती है। आपको बता दें इन दोनों ही बिल्डिंगों के निगरानी पहले एटीपी के तौर पर जगदीप सिंह व बिल्डिंग इंस्पेक्टर के तौर सूरत सिंह के पास थी। लेकिन अब इन दोनों के तबादला होने के बाद अब नए बिल्डिंग इंस्पेक्टर व एटीपी क्या एक्शन लेते हैं, ये आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।
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Yashpal Sharma (Editor)