चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी के उपप्रधान और संगरूर से पार्टी के वरिष्ठ नेता अरविंद खन्ना का पार्टी छोड़कर शिरोमणि अकाली दल में शामिल होना अभी किसी के गले ही नहीं उतर रहा था कि अब कई और विधानसभा हलकों के प्रभारियों ने भी पार्टी प्रधान के पास नाराजगी जता दी है। बीते कल पार्टी के इंटरनेट मीडिया पर अधिकारिक पेज पर मोगा रैली के लिए विधानसभा हलका प्रभारियों की ड्यूटी लगाई थी, लेकिन इसमें कई नाम ऐसे थे जिन्हें या तो बदल दिया गया था या फिर उन्हें किसी अन्य विधानसभा हलकों की जिम्मेदारी दे दी गई थी जिससे भाजपा के नेताओं ने खासी नाराजगी दिखाई दी। सूत्रों के अनुसार इस नाराजगी को देखते हुए पार्टी ने इस सूची को वापिस ले लिया है। जिसके चलते सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पार्टी द्वारा डाली गई पोस्ट भी हटा दी गई है। पार्टी के सूत्रों ने बताया कि मोगा की रैली को देखते हुए सभी 117 विधानसभा हलकों के प्रभारियो की ड्यूटी लगाई गई है। सबसे ज्यादा विरोध फतेह जंग सिंह बाजवा की ओर से किया गया बताते हैं। फतेह बाजवा जिन्होंने 2022 का चुनाव बटाला से लड़ा था को कादियां का प्रभारी दिखाया गया है जहां से उनके भाई और कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रताप सिंह बाजवा चुनाव लड़ते हैं।
लुधियाना के कई नेता भी थे लिस्ट में शामिल
इन नवनियुक्त इंचार्जों में लुधियाना से जीवन गुप्ता, गुरदेव शर्मा देबी समेत कई लीडरों के नाम थे। वहीं, मोहाली से चुनाव लड़ने वाले संजीव वशिष्ठ की जगह श्री आनंदुपर साहिब से लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले डा सुभाष शर्मा का नाम है जो पार्टी के उपप्रधान भी हैं। ऐसे ही और भी कई नाम हैं जिस कारण पार्टी नेताओं में खासी नाराजगी व्याप्त है। सूत्रों के अनुसार इन नेताओं ने पार्टी के कार्यकारी प्रधान अश्विनी शर्मा और प्रधान सुनील जाखड़ के पास भी इस संबंधी नाराजगी व्यक्त की है। काबिले गौर है कि अभी एक दिन पहले ही भाजपा को अरविंद खन्ना के पार्टी छोड़ने से बड़ा झटका लगा है। वह शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गए। जिला परिषद और ब्लाक समितियों के चुनाव के दौरान उनके कार्यकर्ताओं को दरकिनार करके अन्य को सीटें देने से वह नाराज चले आ रहे थे।
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Yashpal Sharma (Editor)