लुधियाना। नगर निगम के विवादित एसई संजय कंवर को रोजगार्डन नवीनीकरण को लेकर टेंडर में 10 प्रतिशत कमिशन मांगने के आरोप में विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में एसई संजय कंवर को कोर्ट से जमानत मिल गई है। जिसके चलते जल्द संजय कंवर जेल से रिहा हो सकते हैं। लेकिन अब यह चर्चा का विषय बना गया है कि क्या उनकी तैनाती लुधियाना में होगी या सरकार द्वारा उन्हें किसी दूसरे जिले में ट्रांसफर किया जाएगा या अभी तैनात की भी जाएगी या नहीं। क्योंकि अभी तक एसई पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप खत्म नहीं हुए हैं। ऐसे में उनकी तैनाती लुधियाना या किसी भी जिले में करना पंजाब सरकार पर बड़े सवाल खड़े कर सकता है। क्योंकि संजय कंवर पर सिर्फ रोजगार्डन ही नहीं बल्कि अन्य कई घोटालों के आरोप लग चुके हैं। सूत्रों के अनुसार शहरवासियों का कहना है कि ऐसे अधिकारियों की तैनाती करना खतरे से खाली नहीं है। जिसके चलते एसई संजय कंवर की तैनाती को लेकर सस्पेंस बरकरार है। वहीं विजिलेंस पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि विजिलेंस द्वारा अपनी जांच सही तरीके से न करने और केस की पूरी पैरवी न करने की वजह से ही एसई संजय कंवर को जमानत मिली है।
विजिलेंस ने फ्लैटों का मामला दबाया
सूत्रों के अनुसार एसई संजय कंवर की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की और से उनके पास से मर्सिडीज कार बरामद की थी। जिसमें से करीब 20 फ्लैटों के दस्तावेज भी बरामद हुए थे। चर्चा है कि यह फ्लैट चंडीगढ़ और जीरकपुर में स्थित है। बताया जा रहा है कि यह फ्लैट संजय कंवर द्वारा खरीदे हुए थे। लेकिन विजिलेंस की और से मिलीभगत के चलते इन फ्लैटों की जानकारी केस में नहीं दिखाई गई। जिसके चलते कही न कही शुरुआत से ही विजिलेंस एसई संजय कंवर को बचाने में जुटी थी। दिखाने को तो यह बड़ा एक्शन था, लेकिन अंदरखाते एसई संजय कंवर को डराकर उससे सेटिंग करने की चर्चाएं हैं। वहीं अभी तक विजिलेंस मामले में एसई के बड़े साहब का खुलासा नहीं कर सकी है।
हमारा पहला उदेश्य आप तक सबसे पहले और सही खबर पहुंचाना। हमारे आसपास क्या हो रहा है, इसके बारे में आपकी नॉलेज को दुरुस्त करना। वहीं समाज की बुराईयों व गलत गतिविधियों संबंधी आगाह करना भी हमारे लक्ष्य में हैं।
Yashpal Sharma (Editor)