नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार बीकानेर आए। जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर देशनोक के पलाना में हुई सभा में मोदी करीब 40 मिनट बोले। उन्होंने साफ कर दिया कि पाकिस्तान की हर हरकत का करारा जवाब दिया जाएगा। भारतीयों की जान से खेलने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। एटम बम की गीदड़ भभकियों से भारत डरने वाला नहीं है। हिंदुस्तान का लहू बहाने वालों को कतरे-कतरे का हिसाब चुकाना पड़ेगा। इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान की सीमा के नजदीक देशनोक से देश के 103 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। बीकानेर-बांद्रा ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही 26 हजार करोड़ रुपए के अन्य विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया। बीकानेर के नाल एयरबेस से मोदी सीधे करणी माता के मंदिर गए और पूजा-अर्चना की। यहां से पलाना गांव में जनसभा करने पहुंचे।
पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर किया
22 अप्रैल को आतंकवादियों ने धर्म पूछकर हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था। गोलियां पहलगाम में चली थीं, उन गोलियों से 140 करोड़ देशवासियों का सीना छलनी हुआ था। तीनों सेनाओं को खुली छूट दे दी थी और तीनों सेनाओं ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
22 मिनट में आतंकी ठिकाने तबाह किए
पहलगाम हमले के जवाब में हमने 22 मिनट में आतंकियों के 9 सबसे बड़े ठिकाने तबाह किए। दुनिया ने देखा कि जब सिंदूर बारूद बन जाता है तो नतीजा क्या होता है? पांच साल पहले बालाकोट में देश ने एयरस्ट्राइक की थी। उसके बाद मेरी पहली जनसभा राजस्थान में हुई थी। वीर भूमि का ही ये तप है कि ऐसा संयोग फिर बना कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद बीकानेर में सभा हो रही है।
आतंकवाद से निपटने के तीन सूत्र तय किए
ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद से निपटने के तीन सूत्र तय किए। पहला, भारत पर आतंकी हमला हुआ तो करारा जवाब मिलेगा। समय हमारी सेनाएं तय करेंगी, तरीका भी हमारी सेना तय करेगी और शर्तें भी हमारी होंगी। दूसरा, एटम बम की गीदड़ भभकियों से भारत डरने वाला नहीं है। तीसरा, हम आतंक के आकाओं और आतंक की सरपरस्त सरकार को अलग-अलग नहीं देखेंगे। उन्हें एक ही मानेंगे।
मोदी की नस में खून नहीं, गर्म सिंदूर दौड़ रहा
पाकिस्तान भारत से कभी सीधी लड़ाई नहीं जीत सकता। इसलिए आतंकवाद को भारत के खिलाफ हथियार बनाया है। पाकिस्तान एक बात भूल गया कि अब मां भारती का सेवक मोदी यहां सीना तानकर खड़ा है। मोदी का दिमाग ठंडा है, ठंडा रहता है, लेकिन मोदी का लहू गर्म है। अब तो माेदी की नसों में लहू नहीं, गर्म सिंदूर बह रहा है।
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Yashpal Sharma (Editor)