लुधियाना। लुधियाना के रायकोट रोड स्थित चोपड़ा अस्पताल में 23 जुलाई को हुई दिनदहाड़े डकैती के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, इस सनसनीखेज वारदात की पूरी साजिश एक महिला ने रची थी। पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड पवनप्रीत कौर उर्फ किरनदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने वारदात के समय इस्तेमाल किये वाहन भी बरामद कर लिया। इसके साथ ही पुलिस ने अब तक पति पत्नी व बेटी समेत कुल 5 आरोपी गिरफ्तार कर लिये हैं। एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार महिला पवनप्रीत कौर गांव लीला मेघ सिंह की निवासी है। जांच में सामने आया है कि डकैती की पूरी योजना उसी ने तैयार की और उसे अंजाम दिलाया। पुलिस जांच के मुताबिक, शिकायतकर्ता डॉ. विजय चोपड़ा के बेटे का तलाक हो चुका है। उसकी पूर्व बहू ने अस्पताल की गतिविधियों, नकदी और गहनों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी आरोपियों के एक साथी तक पहुंचाई थी। इसी जानकारी के आधार पर पवनप्रीत कौर ने डकैती की योजना बनाई। पुलिस अब शिकायतकर्ता की पूर्व बहू को भी मामले में नामजद कर गिरफ्तार करने की कार्रवाई कर रही है।
लाखों रुपए कैश और गहने लूटे थे
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें राहुल सिंह, आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश, बेअंत कौर और बलवंत सिंह शामिल हैं, जो सभी सिधवां बेट के निवासी हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई जीप और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। हालांकि, डकैती में शामिल पांच अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस टीम इन फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। गौरतलब है कि 23 जुलाई को कुछ बदमाश मरीज बनकर चोपड़ा अस्पताल में दाखिल हुए थे। आरोपियों ने पिस्तौल की नोक पर डॉक्टर विजय चोपड़ा और उनकी पत्नी को बंधक बना लिया था। इसके बाद उन्होंने लाखों रुपये की नकदी, सोने की अंगूठी और मोबाइल फोन लूट लिए थे।
एक ही परिवार के चार सदस्य
डकैती के योजना बनाने वाली मास्टरमाइंड पवनप्रीत कौर उर्फ किरनदीप कौर ने इस वारदात में सफल बनाने के लिये अपने माता पिता व छोटे भाई को भी वारदात में शामिल कर लिया जोकि वारदात के बाद उन्हें सही सलामत जगराओं से बाहर निकाल सके। इसी कारण आरोपी पवनप्रीत कौर के पिता व बलवंत सिंह व छोटा भाई हैरी व मां जीप लेकर पुराने सरकारी अस्पाल के नजदीक खड़े हो गए थे वही अन्य आरोपी चोरी के बाइक पर अस्पताल पहुंचे थे जोकि वारदात के समय वही रह गया तो आरोपी भाग कर जीप तक पहुंचे और मौके से फरार हो गए थे। एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने बताया कि आरोपियों ने डकैती की योजना बनाने के लिए एक अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ था। इसी ग्रुप में वारदात की योजना पर चर्चा की गई थी और डकैती के बाद सफल वारदात को लेकर भी बातचीत हुई थी। पुलिस ने इस चैट का तकनीकी साक्ष्य जुटा लिया है, जिसे अदालत में अहम सबूत के रूप में पेश किया जा सकता है।
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Yashpal Sharma (Editor)