पंजाब। पाकिस्तान गई पंजाबी महिला सरबजीत कौर की भारत वापसी टल गई है। सोमवार को उसे अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत भेजने की पूरी तैयारियां कर ली गई थीं। इस बीच पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने अदालत में केस होने का हवाला देकर रोक लगा दी। सरबजीत के पाकिस्तान में निकाह करने के बाद पाकिस्तान में सिख समुदाय के पूर्व विधायक महिंदर पाल सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर कर उसे गिरफ्तार कर भारत भेजने की मांग की थी। कोर्ट में दलील दी गई थी कि सरबजीत की पाकिस्तान में रुकने की वीजा अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद वह यहीं रुकी है। वह देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। वह संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकती है। इस पर अंतिम फैसला आना बाकी है। इसी का हवाला देते हुए पाक गृह मंत्रालय का कहना है कि महिला ने अपनी मर्जी से निकाह किया है और इस संबंध में मामला अदालत में विचाराधीन है। अदालत के अंतिम आदेश के बाद ही जरूरी कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे भारत भेजा जाएगा। पाकिस्तान पुलिस ने रविवार को सरबजीत और उसके पति नासिर हुसैन को गिरफ्तार किया था। उसकी पुलिस कस्टडी के दौरान की फोटो भी सामने आई है। सरबजीत श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व पर सिख श्रद्धालुओं के साथ पाकिस्तान गई थी। उसने वहां नासिर से निकाह कर लिया।
1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गई थी पाकिस्तान
कपूरथला के गांव अमानीपुर की रहने वाली सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अमृतसर से अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गई थी। यह सिख जत्था 10 दिन तक पाकिस्तान में रहा। उन्होंने सिख गुरुओं से जुड़े विभिन्न स्थलों के दर्शन किए और 13 नवंबर को भारत वापस लौट आए। पूरे सिख जत्थे के एक साथ भारत लौटने से पहले अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और 3 महिलाओं समेत कुल 9 श्रद्धालु पहले लौट आए थे। हालांकि जब श्रद्धालुओं का पूरा जत्था वापस लौटा तो 1923 की जगह 1922 लोग ही वापस पहुंचे। जब इसकी जांच हुई तो पता चला कि सरबजीत कौर वापस नहीं आई है। उसका नाम न तो पाकिस्तान के एग्जिट रिकॉर्ड में था और न ही भारत के एंट्री रिकॉर्ड में मिला। पहले माना गया कि वह लापता है। इसके बाद पाकिस्तान में भी लोकल पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी उसकी तलाश शुरू कर दी।
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Yashpal Sharma (Editor)